गांव की जमीन पर चल रहे रेत खदान का विरोध:कोंडागांव में ग्रामीणों ने खुदाई रुकवाई; बोले- ग्राम पंचायत को सौंपा जाए

नारायणपुर जिले के भाटपाल गांव में रेत खदान को लेकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया है। ग्राम पंचायत भाटपाल के सरपंच भूरवा राम सलाम, पंच घुड़राम बघेल और अन्य ग्रामीणों ने खदान में चल रही खुदाई को रोक दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो सालों से भाटपाल A1 रेत खदान एक निजी व्यक्ति को लीज पर दी गई है। आरोप है कि यह व्यक्ति खनिज विभाग के अधिकारियों से मिलीभगत कर खदान से अत्यधिक रेत निकाल रहा है। ग्रामीणों ने 30 से 40 हाइवा गाड़ियों का परिवहन भी रोक दिया है। उनका आरोप है कि अब तक लाखों मिट्रिक टन रेत निकाला जा चुका है। ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि खदान को ग्राम पंचायत के अधीन किया जाए। कोर्ट से समय सीमा बढ़वाकर रेत का खनन जारी स्थानीय लोगों का दावा है कि लीज की अवधि समाप्त होने के बाद भी सुप्रीम कोर्ट से समय सीमा बढ़वाकर रेत का खनन जारी रखा गया है। ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि खदान को ग्राम पंचायत के अधीन किया जाए। हजारों लाखों मैट्रिक टन रेत का खनन इससे होने वाली आय का उपयोग गांव में स्कूल, सड़क और जलस्रोत जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास में किया जा सकेगा। छेरीबेड़ा नदी के किनारे स्थित इस खदान से हजारों लाखों मैट्रिक टन रेत का खनन किया जा चुका है। गर्मी के मौसम में जलस्तर कम होने के बावजूद मशीनों से नदी की खुदाई जारी है।

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