माता-पिता का सम्मान करना सबसे बड़ा नैतिक मूल्य

भास्कर न्यूज | राजनांदगांव वर्तमान में बच्चे कठिन दौर से गुजर रहे हैं, जब भौतिकवाद के इस दौर में सुख सुविधाओं का अंबार लगा हुआ है। सोशल मीडिया बच्चों के बौद्धिक एवं मानसिक क्षमता को कम कर रहे हैं। वहीं आजकल माता-पिता इतने व्यस्त हो गए है कि बच्चों के लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं। ऐसे समय में बच्चों को सब कुछ मिल रहा है लेकिन नहीं मिल रहा तो वो है केवल अच्छे संस्कार, नैतिक मूल्य की बातें और दादा-दादी की वो सीख भरी कहानी। उक्त उदगार ब्रह्माकुमारी पुष्पा बहन ने समर कैंप संस्कारों की पाठशाला के शुभारंभ अवसर पर कही। ब्रह्माकुमारी बहनों के द्वारा वरदान भवन लाल बाग में एक पांच दिवसीय समर कैंप संस्कारों की पाठशाला का शुभारंभ किया गया है। यहां पर बच्चों के लिए संस्कारों की पाठशाला समर कैंप में आकर बच्चे इस 5 दिन में अच्छे संस्कार सीख कर अपने जीवन को नैतिक मूल्य से सुसज्जित कर सकते हैं। जीवन में सफल हो सकते हैं। उन्होंने बच्चों को कहा अपने माता पिता की बात मानना, अपने से बड़ों का सम्मान करना, सदा सत्य बोलना ये सबसे बड़ा नैतिक मूल्य है। इसी से इंसान सबका प्रिय बनता है और दुआएं कमाता है। कैंप से बच्चों में नैतिकता का विकास होगा: बीईओ मुख्य अतिथि बीईओ धनीराम देवांगन ने कहा कि आज के दौर में जब विद्यालयों में शिक्षा केवल अक्षर ज्ञान तक ही सीमित हो गई है। इस बीच ब्रह्मकुमारीज द्वारा आयोजित यह शिविर बहुत सराहनीय है इससे निश्चित रूप से बच्चों में नैतिकता का विकास होगा। विशेष अतिथि शिक्षा विभाग के विकासखंड स्रोत समन्वयक भगत सिंह ठाकुर ने भी इस शिविर के प्रति अपना साधुवाद प्रकट किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। अतिथियों के स्वागत में कुमारी भाविका ने मनमोहक स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया।

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