भास्कर न्यूज | जालंधर पंजाब वक्फ बोर्ड के चेयरमैन बनने के बाद मोहम्मद ओवैस पहली बार जालंधर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शहर के मस्जिदों और कब्रिस्तानों का दौरा किया। जालंधर कुंज स्थित मस्जिद में उन्होंने समुदाय के लोगों के साथ विचार-विमर्श किया और उनकी समस्याओं को सुना। इसके बाद उन्होंने राजा गार्डन में कब्रिस्तान का दौरा किया। चेयरमैन मोहम्मद ओवैस ने कहा कि पहली बार सूबे में नीट और यूपीएससी परीक्षा की कोचिंग लेने वाले सूबे के मुस्लिम समुदाय के स्टूडेंट्स को बिना शर्त एक लाख से लेकर 10 लाख तक स्कॉलरशिप दी जाएगी। इसके बाद उन्हें आगे की पढ़ाई का खर्च भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए कमेटी का गठन किया गया है। कोई भी एपलीकेंट इसके लिए अगर उन्हें एप्लीकेशन देगा तो उस पर उसी दिन से काम शुरू होगा। शर्त है कि स्टूडेंट पढ़ने वाला होना चाहिए और उसकी मार्कशीट भी चेक की जाएगी। उन्होंने कहा कि जालंधर में स्कूल और कॉलेज खोलना उनकी मुख्य योजना में शामिल है। उन्होंने बताया कि वक्फ बोर्ड को मलेरकोटला में सभी ने सिर्फ पॉलिटिकल ग्राउंड पर इस्तेमाल किया है, लेकिन हम पूरे पंजाब में डेवलपमेंट के कार्य शुरू कर रहे हैं। हर महीने एक करोड़ 75 लाख रुपए मस्जिद, मदरसों और इमामों को इमदाद के रूप में दिए जा रहे हैं और करीब एक करोड़ रुपए विधवा पेंशन और बुढ़ापा पेंशन पर वक्फ बोर्ड खर्च कर रहा है। इसके अलावा मुस्लिम समुदाय को मौजूदा समय के साथ जोड़ने के लिए एजुकेशन देना जरूरी है, जिसके लिए लगातार काम किया जा रहा है। इस मौके पर मोहम्मद शेरदीन, सिकंदर बाबा, मास्टर हैदर अली, विशाल, लवली, परमिंदर सिंह, मनदीप मनी, बारती, जियाउल हक, पार्षद गौतम, मंजर आलम समेत अन्य मौजूद रहे। चेयरमैन मोहम्मद ओवैस के साथ शेरदीन, मंजर आलम व अन्य।


