विदेश मंत्रालय ने ट्रम्प के 2 दावे खारिज किए:कहा- कश्मीर पर तीसरे पक्ष का दखल मंजूर नहीं; ट्रेड रोकने की धमकी पर सीजफायर नहीं किया

भारत ने मंगलवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर तीसरे पक्ष का दखल मंजूर नहीं है। इस मुद्दे को भारत-पाकिस्तान आपस में सुलझाएंगे। यह बात विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कही। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को PoK खाली करना होगा। सभी मामले द्विपक्षीय तरीके से ही हल होंगे। विदेश मंत्रालय ने भारत-पाक के बीच सीजफायर की घोषणा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता और सीजफायर का क्रेडिट लेने के दावों को भी नकार दिया। विदेश मंत्रालय ने ट्रम्प के 2 दावे नकारे 1. कश्मीर पर मध्यस्थता विदेश मंत्रालय: जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर तीसरे पक्ष की दखलंदाजी मंजूर नहीं है। इस मुद्दे को भारत-पाकिस्तान आपस में सुलझाएंगे। इसमें कोई बदलाव नहीं है। लंबित मामला सिर्फ पीओके पर कब्जा करने का है। इसी पर बात होगी। डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था: ट्रम्प ने 11 मई को कहा था, ‘मैं दोनों के साथ मिलकर यह देखने की कोशिश करूंगा कि क्या ‘हजार साल’ बाद कश्मीर मुद्दे का कोई हल निकाला जा सकता है।’ 2. सीजफायर नहीं तो ट्रेड बंद विदेश मंत्रालय ने कहा: ‘7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने से लेकर 10 मई को गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई बंद करने पर सहमति बनने तक, भारतीय और अमेरिकी नेताओं के बीच उभरते सैन्य हालात पर बातचीत होती रही। किसी भी चर्चा में व्यापार का मुद्दा नहीं उठा।’ डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था: अमेरिकी राष्ट्रपति ने 12 मई को दावा किया था कि उन्होंने दोनों देशों के नेताओं से कहा कि अगर वे युद्धविराम पर सहमत होते हैं तो अमेरिका उन्हें व्यापार में मदद करेगा। अगर नहीं मानते हैं तो उनके साथ कोई व्यापार नहीं होगा। इसके बाद दोनों देश सीजफायर पर सहमत हो गए थे। विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 4 बड़ी बातें विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस के अपडेट्स के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाइए…

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *