धमतरी-गरियाबंद सहित 9 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट:कांकेर, कोंडागांव में तेज हवा चलेगी, बिजली गिरेगी, दंतेवाड़ा, सुकमा में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी

छत्तीसगढ़ में पड़ रही तेज गर्मी के बीच मौसम विभाग ने धमतरी-गरियाबंद समेत 9 जिलों में आज बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान अंधड़ के साथ कहीं-कहीं बिजली गिर सकती है। अगले दो दिन यानी 16 और 17 मई तक मध्य छत्तीसगढ़ और बस्तर संभाग के जिलों में यही स्थिति रहेगी। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के मुताबिक, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के साथ दक्षिण-पश्चिम उत्तरप्रदेश से लेकर तमिलनाडु तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। बारिश के इन दोनों स्ट्रॉन्ग सिस्टम के एक्टिव होने से छत्तीसगढ़ में आंधी-बारिश की स्थिति बन रही है। बुधवार को 41.8 डिग्री के साथ बिलासपुर सबसे गर्म रहा। रायपुर में पारा 41 डिग्री के पार 14 मई को रायपुर में टेम्प्रेचर 41 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। मौसम विभाग ने आज भी रायपुर में दिन का तापमान 41 डिग्री औऱ रात का तापमान 29 डिग्री के आस-पास रहने की संभावना जताई है। वहीं बुधवार को रायपुर में न्यूनतम तापमान 29.3 डिग्री रहा जो औसत से 1.4 डिग्री ज्यादा था। बिलासपुर रहा सबसे गर्म बुधवार को बिलासपुर सबसे गर्म रहा। यहां दिन का पारा 41.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 29.3 डिग्री रहा यह सामान्य से 2 डिग्री अधिक था। वहीं बिलासपुर संभाग के मुंगेली जिले में दिन का पारा 40.8°C, रायगढ़ में 39.8 °C गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही में 39.8 डिग्री रहा। बस्तर संभाग में 3 दिन अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के मुताबिक, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और टर्फ के कारण बस्तर संभाग के जिलों में अगले 3 दिन आंधी-बारिश जैसे हालात रहेंगे। पिछले 24 घंटे में तोकापाल में 40 मिलीमीटर और जगदलपुर में 20 मिलीमीटर बारिश हुई। बुधवार को जगदलपुर में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री रहा। जो सामान्य के करीब 5 डिग्री कम था। वहीं न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री रहा। दुर्ग में पारा 40 डिग्री के पार बुधवार को दुर्ग में अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री रहा वहीं न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री रहा। मौसम विभाग के मुताबिक दुर्ग संभाग के जिलों में अभी दिन का तापमान ऐसा ही रहेगा। मई में अंधड़-बारिश, यह पुराना ट्रेंड मई में हो रही बारिश कोई नई बात नहीं है। आमतौर पर मई में तेज बारिश और अंधड़ की स्थिति बनती ही है। कई बार मई की शुरुआत में कुछ सिस्टम बनने के कारण प्रदेश में बारिश और तेज अंधड़ के एक-दो स्पैल आते हैं। इससे मई के पूरे महीने में अच्छी बारिश हो जाती है। वैसे पिछले एक दशक में रायपुर में मई के महीने में सबसे ज्यादा बारिश 2021 में 93.2 मिमी रिकॉर्ड की गई थी। उस दौरान 24 घंटे में 57 मिमी बारिश 10 मई 2021 को दर्ज की गई थी। मई में सिस्टम बनने पर समुद्र से आने वाली हवा तेजी के साथ आगे बढ़ती हैं। इससे अंधड़ की स्थिति बनती है। 25 मई के बाद इस तरह की स्थितियां ज्यादा रहती हैं, उसी से मौसम में बदलाव की शुरुआत होती है। क्या होता है पश्चिमी विक्षोभ? पश्चिमी विक्षोभ कैस्पियन या भूमध्य सागर से बनने वाले तूफान होते हैं। ये भारत के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में बारिश और ठंड लाने का काम करते हैं। असल में ये हवाएं बर्फीली होती हैं, जो अपने साथ नमी लेकर आती हैं। पश्चिमी विक्षोभ भूमध्यसागर से निकलती हैं। इसके बाद ये ईरान, इराक, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से होते हुए सीधा भारत पहुंचती हैं। यहां पहुंचते ही यह मैदानी इलाकों में अपना असर दिखाने लगती हैं।

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