रायसेन में किसान दिवस के दिन भी कृषी उपज मंडी में किसान परेशान होते रहे। मंडी परिसर में विश्राम गृह और शौचालय में ताला लटका रहा। आस-पास गंदगी फैली है। किसान बृजेंद्र बघेल और संजू मालवीय ने बताया कि बीते 2 महीने से किसान विश्राम गृह और शौचालय का ताला नहीं खुला है। अपनी धान की उपज लेकर पहुंचे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कृषि उपज मंडी में करोड़ों का टैक्स मिले के बाद भी मंडी परिसर में घटिया निर्माण के साथ गंदगी फैली हुई है। ट्राली के ऊपर रात बिताने को मजबूर किसान इस समय धान की बंपर आवक हो रही है। दशहरे मैदान को अस्थाई मंडी बनाई गई है। यहां रोज करीब 1000 ट्रैक्टर-ट्रॉली में दूर-दूर से किसान अपनी धान की उपज लेकर पहुंच रहे हैं। मंडी परिसर में कोई सुविधा नहीं होने से किसानों को ठंड में ट्रैक्टर ट्राली पर रात बिताना पड़ रहा है। धान के दाम कम मिलने से किसानों को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। इस संबंध में एसडीएम मुकेश सिंह का कहना कि कृषि उपज मंडी में व्यवस्थाएं ठीक कराई जाएगी। मंडी सचिव को निर्देश दिए हैं।


