मलोट से फाजिल्का जिले के अबोहर के पांच पीर दरगाह पर माथा टेकने आए 17 वर्षीय छात्र सूरज पाल का शव नहर में मिला है। सूरज पाल पिछले सप्ताह अपने तीन दोस्तों के साथ दरगाह गया था, वह वापस नहीं लौटा। मामले की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दो उंगलियां और एक अंगूठा गायब जानकारी के अनुसार सूरज पाल के भाई सन्नी ने बताया कि उनका भाई दसवीं कक्षा का छात्र था। जब वह वापस नहीं लौटा, तो उन्होंने दोस्तों से पूछताछ की। दोस्तों ने कहा कि सूरज पाल किसी काम से अबोहर में रुक गया था। परिजनों ने मलोट थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। चार दिन पहले नहर में एक अज्ञात शव मिला था। जब परिजन अबोहर पहुंचे, तो पता चला कि वह शव सूरज पाल का था। शव की दो उंगलियां और एक अंगूठा गायब थे। पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप शव का लावारिस के रूप में संस्कार कर दिया गया था। परिजनों ने सूरज पाल के दोस्तों पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दोस्तों ने हत्या करके शव नहर में फेंक दिया। परिजनों ने मलोट पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अगर पुलिस ने समय पर कार्रवाई की होती और अबोहर पुलिस से संपर्क किया होता, तो शव का लावारिस के रूप में संस्कार नहीं होता। नहर से मिलने वाले शवों को लेकर खानापूर्ति वहीं नर सेवा नारायण सेवा समिति के प्रधान राजू चराया व बिटटू नरूला ने कहा कि पुलिस प्रशासन अक्सर नहर में आने वाले शवों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाता, बल्कि केवल शव उठवाकर और 194 बीएनएस की कार्रवाई की खानापूर्ति की जाती है। अगर पुलिस गंभीरता से इन अज्ञात शवों के बारे में पता करे, तो इनके परिजन भी मिल सकते हैं और इनकी मौत के कारणों का भी पता चल सकता है। एक दिन पहले ही समिति को दिया शव समिति सदस्यों ने कहा कि इस बारे में एसएसपी से मिलकर मांग करेंगे कि अज्ञात शवों के लिए कंट्रोल रुम बनाने की मांग करेंगे, ताकि अज्ञात रूप से मिलने वालों शवों का रिकार्ड रखा जा सके। गौरतलब है कि अबोहर में चार दिन पहले टेलों से अज्ञात युवक का शव मिला था जिसके हाथ की उंगलियां व अंगूठा गायब था। जिसको पहचान के लिए 72 घंटों के लिए अस्पताल के शवगृह में रखवाया, पहचान ना होने पर शव को संस्था के हवाले कर दिया। जिसका उन्होंंने अंतिम संस्कार कर दिया था।


