हरियाणा के लांसनायक पंजाब में शहीद:परिजनों को नहीं पता; 10 दिन पहले ही बेटे का बर्थडे मनाकर ड्यूटी पर लौटे थे

हरियाणा में चरखी दादरी के लांसनायक गोली लगने से शहीद हो गए। वह पंजाब के कपूरथला में तैनात थे। परिवार को अभी इसकी जानकारी नहीं दी है। हालांकि ग्रामीणों को जानकारी मिल चुकी है और पड़ोस के एक मकान में इकट्‌ठा हुए हैं। गांव में शोक की लहर है। कुछ ग्रामीण कपूरथला गए हैं। 34 वर्षीय लांसनायक मनोज फोगाट गांव समसपुर के रहने वाले थे। वह 10 दिन पहले ही बेटे का बर्थडे मनाकर ड्यूटी पर लौटे थे। गुरुवार सुबह ही उनको गोली लगी। गोली कैसे लगी? अभी इस बारे में सेना की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है। मनोज 2011 में ग्रेनेडियर में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। लांसनायक के घर में मां संतोष, पत्नी रेखा, बेटी (8) दीक्षा और बेटा (6) प्रिंस हैं। उनके पिता, भाई और बहन का निधन हो चुका है। मनोज के शहीद होने पर CM नायब सैनी ने दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की है। सुबह 6 बजे मिली जानकारी
ग्रामीण धर्मबीर ने बताया कि सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर सेना ने गांव के ही सूबेदार योगेंद्र के पास फोन कर मनोज को गोली लगने की सूचना दी। योगेंद्र कपूरथला में मनोज की यूनिट में तैनात रह चुके हैं। सूचना मिलने के बाद 5-6 लोग कपूरथला गए हैं। उन्होंने बताया कि जो लोग वहां गए हैं उनसे बात हुई है। उन्होंने बताया है कि शाम 4 बजे वह कपूरथला पहुचेंगे। कल मनोज का अंतिम संस्कार होगा। भाई, पिता और बहन की हो चुकी मौत
ग्रामीणों ने बताया कि मनोज के पिता रणबीर पशुपालन का काम करते थे। करीब 8-10 साल पहले हार्ट अटैक से उनका निधन हो चुका है। वहीं रेल हादसे में 10-12 साल पहले उनके भाई कर्मपाल की मौत हुई थी। भाई व पिता की मौत से परिवार उभरा भी नहीं था कि बीमारी के कारण करीब 5-6 साल पहले उनकी शादीशुदा बहन की मौत हो गई थी। बेटे के जन्मदिन पर आए थे छुट्‌टी
2 मई को उनके बेटे प्रिंस का जन्मदिन था। बेटे का जन्मदिन मनाने के लिए वह छुट्‌टी आए थे। 4 मई को ही ड्यूटी पर लौटे थे। गुरुवार सुबह उसके शहीद होने की सूचना मिली है। मनोज घर आते तो सभी ग्रामीणों से मिलते
ग्रामीण धर्मबीर बताया कि मनोज ने दादरी जनता कॉलेज से बीए की पढ़ाई की थी और साल 2011 में भर्ती हो गए थे। वह मिलनसार स्वभाव के थे। जब भी छुट्‌टी आते तो सभी से मिलकर जाते थे। उनके शहीद होने की सूचना के बाद पूरे गांव में गमगीन माहौल है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि मनोज परिवार को अकेले संभालने वाले थे, जो अब नहीं रहे। उन्होंने देश के लिए शहादत दी है, उसका गर्व भी है। गांव में नहीं जला चुल्हा
मनोज के दोस्त हरेंद्र ने कहा कि वह 15 दिन पहले छुट्टी आए थे। भारत-पाक के बीच युद्ध जैसे हालात बनने पर उन्हें वापस बुला लिया गया था। 4 मई को मनोज गए थे। उनका एक और दोस्त बस अड्‌डे तक उन्हें छोड़ने गया था। उनके शहीद होने की सूचना मिलने के बाद से गांव में चुल्हा तक नहीं जला है। उन्हें अपने दोस्त पर गर्व है। CM बोले- देश मनोज के बलिदान को याद रखेगा
CM नायब सैनी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर लिखा- पंजाब बॉर्डर पर तैनात गांव समसपुर (चरखी दादरी) निवासी, हरियाणा के वीर सपूत मनोज फोगाट देश की सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। मैं वीर बलिदानी की शहादत को सादर नमन करता हूँ। यह देश सदैव उनके बलिदान को याद रखेगा। मैं शहीद के परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। प्रभु दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।

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