जबलपुर में खजरी-खिरिया बाइपास के पास सोमवार दोपहर एक निर्माणाधीन मकान में कोबरा सर्प नजर आया। सर्प दिखते ही मजदूरों में उस समय हड़कंप कि स्थिति बन गई। इस दौरान मजदूर भोजन कर रहे थे। तभी अचानक पास ही कोबरा आकर बैठ गया। उसे देखते ही मजदूरों के ठंड में पसीने छूट गए, मजदूरों के भागने की आहट सुनते ही कोबरा पास ही रखे लकड़ी के गट्ठे के बीच जाकर छिप गया। सेंटिंग के पटियों के बीचे छिपकर बैठा था कुछ ही देर बाद ठेकेदार और मकान मालिक मौके पर पहुंचे तो देखा कि मजदूर काम करने की जगह बैठे हुए हैं। पूछने पर उन्होंने बताया कि यहां पर कोबरा नाग छिपा हुआ है, और जोर-जोर से फुंफकार रहा है। मकान मालिक ने मजूदरों के बताए स्थान पर जाकर देखा तो करीब पांच फीट का लंबा कोबरा बैठा हुआ था। नाग को उन्होंने भगाने का जब प्रयास किया तो वह तेज-तेज फुंफकार ने लगा। कुछ देर बाद मकान मालिक ने सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे को सूचना देकर मौके पर बुलाया और सारी घटना बताई। सर्प विशेषज्ञ ने देखा कि सेंटिंग के पटियों के बीच ब्लैक कोबरा छिपकर बैठा हुआ है। सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे ने बताया- यह सांप इंडियन स्पैक्टिकल कोबरा है। इसमें घातक न्यूरोटाॅक्सिन जहर पाया जाता है जो कि बेहद खतरनाक होता है। बिना छेड़छाड़ के सर्प किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता है। यदि सर्प दंश होता है, तो ये नर्वस सिस्टम को जाम कर देता है। तीन घंटे के भीतर यदि मेडिकल उपचार मिल जाए तो पीड़ित की जान बचाई जा सकती है। सर्प के पकड़े जाने पर सभी ने राहत की सांस ली।


