भास्कर न्यूज|गढ़वा भारत जनक विकास धारा ऑर्गेनाइजेशन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार गढ़वा के संयुक्त तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस के अवसर पर एसजीएन मॉडर्न गार्डन और टिंडर मॉडर्न गार्नेट उच्च विद्यालय मेराल में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के निदेशक धर्मेंद्र देव ने की। कार्यक्रम की शुरुआत में मेराल थाना के पीएलवी रामा शंकर चौबे के सर्व धर्म प्रार्थना से की। मौके पर पीएलवी रमाशंकर चौबे ने अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस के संबंध में बताया कि प से परिवार जो रिश्ता को जोड़ सके। प से पहचान जो भीड़ से अलग चल सके। पाठक जो हमें सजग बनाए रखें। उन्होंने कहा कि परिवार वह पाठशाला है। जहां व्यक्तित्व गढ़े जाते हैं। यह वह जगह है जहां आपका मूल्यांकन आपकी सफलता और असफलता से नहीं होता। यह वह जगह है जहां बाहरी दुनिया की तमाम नाकामियों और हताशा के बाद भी सुकून मिलता है। बावजूद इसके हम परिवार से दूर होते जा रहे हैं। दुनिया भर में परिवार का अस्तित्व खतरे में है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। हमें अपने चारों ओर परिवारों का जमघट दिखाई देता है। ऐसे परिवार जहां पति-पत्नी और बच्चे एक साथ रह रहे हैं। पर क्या वाकई यही भारतीय परिवार का वास्तविक स्वरूप है। नहीं एकल परिवार भारत की संस्कृति की पहचान नहीं है। माता-पिता, चाचा चाचा सहित परिवार के सभी सदस्य को जोड़ कर रखना भारतीय परिवार की छवि थी। परंतु यह सब कुछ बदल कैसे गया। एकल परिवार की परिपाटी ने क्यों और कैसे वर्चस्व पा लिया। संयुक्त परिवार का विशेष महत्व है। संयुक्त परिवार में माता-पिता, बाबा, दादी, चाचा चाचा एवं बेटा बेटी सभी लोग मिलकर रहते हैं। परंतु वर्तमान समय में एकल परिवार में जीना लोगों का पसंद बन गया है। उन्होंने कहा कि आज हम संकल्प लें कि हम संयुक्त परिवार में रहने के लिए अपने अभिभावकों को जागरूक करेंगे। तभी समाज विकास के पथ पर आगे बढ़ सकेगा। कार्यक्रम का आयोजन जिला युवा अधिकारी पमीर सिंह के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम में रमना प्रखंड के पीएलवी राम इकबाल चौबे ने बच्चों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम, बाल संरक्षण अधिनियम, अनाथ बच्चों के लिए स्पॉन्सरशिप योजना के बारे में जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक संजय कुमार गुप्ता, पूजा कुमारी, अजीत कुमार पांडेय, करण कुमार, कौशल तथा विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।धन्यवाद ज्ञापन पूजा कुमारी ने किया।


