लुधियाना| पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने सरकार पर वादाखिलाफी और मांगों को लागू न करने का आरोप लगाते हुए 20 से 22 मई तक तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि 21 मई को मुख्यमंत्री पंजाब की कोठी के बाहर पक्का धरना दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान लुधियाना पीआरटीसी डिपो गेट पर यूनियन नेता जतिंदर सिंह और संदीप सिंह ने कहा कि कई बार संघर्ष के बावजूद सरकार और विभाग ने आश्वासन के अलावा कुछ नहीं दिया। यूनियन के सचिव प्रवीण कुमार और हरशरण सिंह ने बताया कि 1 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री ने मीटिंग कर एक महीने में नई ट्रांसपोर्ट पॉलिसी लाने का वादा किया था, मगर अब तक कुछ नहीं हुआ। 9 अप्रैल 2025 को ट्रांसपोर्ट मंत्री, एडवोकेट जनरल और वित्त मंत्री ने 15 दिन में पॉलिसी लाने और आउटसोर्सिंग बंद कर कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को पक्का करने का वादा किया था। इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। यूनियन ने ठेकेदारों पर 11-12 करोड़ की लूट का आरोप लगाते हुए कहा कि कर्मचारियों के ईपीएफ, ईएसआई और इंश्योरेंस के पैसे नहीं दिए जा रहे। साथ ही, सरकारी बसें लाने की बजाय किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसें चलाई जा रही हैं, जिससे करोड़ों का घोटाला हो रहा है। यूनियन प्रधान सुखविंदर सिंह बब्बू, सतगुरु सिंह, इंदरजीत सिंह और दिलदार सिंह हनी ने स्पष्ट किया कि यदि 19 मई तक मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को अनिश्चितकाल तक बढ़ाया जाएगा और संघर्ष के तहत सवारियां न बैठाने जैसे सख्त कदम उठाए जाएंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और विभाग के अधिकारियों की होगी।


