भास्कर न्यूज| गिरिडीह पचंबा के कल्याणडीह से गिरिडीह के टावर चौक तक फोरलेन रोड निर्माण में बाधक बन रहे पेड़ अब दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। बोड़ो में आधार अपडेट केंद्र के सामने िस्थत बरगद का िवशाल पेड़ सड़क के बीचों-बीच है। इ सके एक तरफ िडवाइडर व दूसरे तरफ मोटा पेड़ होने से अनजान लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। पिछले एक सप्ताह के दौरान इस पेड़ से टकराकर चार गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो चुकी है और 7 लोग घायल हो चुके हैं। मंगलवार की देर रात में भी यात्रियों से भरी टोटो की इस पेड़ से भीषण टक्कर हुई। जिसमें टोटो के तो परखच्चे उड़े ही सवार यात्री भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। आनन- फानन में पचंबा पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। लगातार इन पेड़ों से हो रहे हादसे को देखते हुए पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने स्थानीय वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी एसके रवि को पत्राचार कर मोहनपुर से बिशनपुर के बीच स्थित तीन वैसे पेड़ों को तत्काल हटाने को कहा है, जो राहगीरों के लिए खतरा है। अन्यथा किसी दिन बड़ी दुघर्टना हो सकती है। खासकर बाहरी राहगीरों के लिए रात में ये पेड़ ज्यादा खतरनाक है। हालांकि थाना प्रभारी के पत्र के तीन दिनों बाद भी वन विभाग के रेंजर की ओर से कोई पहल नहीं की गई है। सड़क निर्माण में बाधक बनने वाले 145 पेड़ हो चुके हैं चिह्नित, इसके बावजूद नहीं हटाए इधर, चिह्नित पेड़ों की कटाई नहीं होने से काम पूरा करने में पथ निर्माण विभाग को परेशानी हो रही है। क्योंकि जहां पेड़ है, वहां छोड़कर रोड व ड्रेन बनाया जा रहा है। बता दें िक इस रोड की लंबाई करीब 6 किमी है। इस मार्ग में आए दिन हो रही रोड जाम और दुर्घटनाओं को देखते हुए इसका चौड़ीकरण कराया जा रहा है, ताकि मार्ग पर वाहनों के आवागमन में कोई बाधा न हो सके। पर निर्माण कराते समय मार्ग के अंदर आ रहे पेड़ों को आज तक हटवाया नहीं गया है। अब ये करीब 145 पेड़ जगह-जगह मार्ग के बीच में आ रहे हैं। िजनमें पचंबा के आफताब हॉस्पिटल के पास, पचंबा थाना के सामने, रेड चिल्ली रेस्टोरेंट के सामने ही आधा दर्जन से अधिक पेड़ सड़क के बीच में स्थित हैं। जबकि कई पेड़ सड़क से सटकर हैं। 8 माह पूर्व वन विभाग को लिखा है पत्र : रामविलास पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता रामविलास सिंह ने कहा कि रोड निर्माण की जद में आ रहे सभी पेड़ों को हटाने के लिए वन विभाग को पत्र लिखे करीब 8 माह बीत चुके हैं। जब तक पेड़ हटाये नहीं जाते हैं, राहगीरों और वाहन चालकों से अपील है कि सावधानी पूर्वक अपने वाहन को पेड़ के पास से निकालें। वन विभाग के खिलाफ जोरदार आंदोलन की जरूरत: ग्रामीण स्थानीय डॉ मिथलेश कुमार मिश्र, इंजीिनयर विनय कुमार सिंह, मुकेश साहू, दीपक साह, संजय कुमार साहू, इरफान आलम, पवन कंधवे आदि ने बताया कि जब मार्ग बन रहा है, उस समय और उसके पूर्व भी ठेकेदार से कहा गया था कि सड़क में आ रहे पेड़ को हटवाया जाए, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। हालांकि इसमें ठेकेदार की नहीं बल्कि वन विभाग की मनमानी है। कानूनी पेंच के नाम पर वन विभाग आम जनता को मौत के मुंह में धकेल रही है। सड़क निर्माण में बाधक बने पेड़ों को अविलंब नहीं हटाया गया तो वन विभाग के खिलाफ जोरदार आंदोलन िकया जाएगा।


