पाकुड़ शहर के प्राचीन शिव शीतला मंदिर में 121 घंटे का हरिनाम संकीर्तन सह रुद्राभिषेक का आयोजन संपन्न हुआ। विद्वान पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कार्यक्रम का समापन किया। कीर्तन स्थल पर भव्य हवन का आयोजन किया गया जजमान संजू टेबड़ीवाल और उनकी धर्मपत्नी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। कीर्तन स्थल पर भव्य हवन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने कीर्तन स्थल की परिक्रमा की। भगवान को बादाम, चना और बताशे का भोग लगाया गया। श्रद्धालुओं ने दान-दक्षिणा अर्पित की दुमका जिले के बासुकीनाथ से आए पुरोहितों के मंत्रोच्चारण से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने दान-दक्षिणा अर्पित की। कार्यक्रम के अंत में कीर्तन स्थल पर स्थापित प्रतिमा का विसर्जन किया गया। हरिनाम संकीर्तन की परंपरा चली आ रही समापन पर महाप्रसाद का वितरण किया गया। प्रसाद में खिचड़ी, पूरी, सब्जी, बुनिया और चटनी शामिल थी। समिति के सदस्यों ने बताया कि शिव शीतला मंदिर में 70 वर्षों से अधिक समय से हरिनाम संकीर्तन की परंपरा चली आ रही है। इसमें झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल की कीर्तन मंडलियां भाग लेती हैं। कार्यक्रम में समिति के सचिव संजय भगत, वरिष्ठ सदस्य विनोद टेबड़ीवाल, अन्नू अग्रवाल, जगदीश अग्रवाल, कुंदन ठाकुर, मुन्ना भगत, अनिल टेबड़ीवाल, प्रदीप टेबड़ीवाल, मोहन सिंह, आनंद सरकार सहित कई सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।


