बलरामपुर जिले के लिबरा गांव में रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन रोकने गई पुलिस टीम में शामिल आरक्षक शिव बचन सिंह की ट्रैक्टर से टक्कर मार हत्या करने के मामले में तीन अन्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें मास्टर माइंड को भी गिरफ्तार करना बताया गया है। मामले में हाईकोर्ट बिलासपुर द्वारा स्वतः संज्ञान लेने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 7 टीमें लगी थीं। आरोपियों को यूपी और झारखंड से गिरफ्तार किया गया। सनावल थाना क्षेत्र के ग्राम लिबरा में 12 मई की रात करीब 11 बजे पुलिस व वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा ग्राम लिबरा में कनहर नदी के घाट पर रेत का अवैध उत्खनन व परिवहन रोकने पहुंची थी। इस दौरान एक ट्रैक्टर के चालक ने शिव बचन सिंह को टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल शिव बचन सिंह की रामानुजगंज हॉस्पिटल लाने के दौरान रास्ते में मौत हो गई। पुलिस की 7 टीमें लगीं थी जांच में
रेत तस्करों द्वारा आरक्षक की हत्या के मामले को बिलासपुर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान में लेते हुए डीजीपी सहित वनविभाग व खनिज सचिव को नोटिस जारी किया था। घटना के बाद आईजी दीपक झा, कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, एसपी बलरामपुर वैभव बैंकर रमनलाल, डीएफओ आलोक बाजपेयी ने घटनास्थल पहुंच जांच की व आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 7 टीमें लगाई गई थी। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मास्टर माइंड, आरोपी ट्रैक्टर चालक गिरफ्तार
बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर ने बताया कि मामले में पुलिस ने नसीमूल हक उर्फ नसीम (65 वर्ष) एवं उसके दो बेटों हमिदुल हक उर्फ हमिद (20 वर्ष) एवं निजामुल हक उर्फ निजाम (26 वर्ष) निवासी सेराजनगर थाना धुरकी जिला गढवा (झारखण्ड) को गिरफ्तार किया है। बलरामपुर एसपी ने बताया कि पूछताछ में पता चाल कि नसीमूल हक उर्फ नसीम मास्टर माइंड है। उसके 09 लड़के हैं। इनके पास 02 ट्रैक्टर, 02 हाईवा एवं 01 जेसीबी मशीन है। वह अवैध रेत का कारोबार करता है एवं उसके सभी बेटे इसमें सहयोग करते हैं। नसीमुल हक ट्रैक्टर से अवैध रेत उत्खनन कर परासपानी जिला गढवा झारखण्ड में डंप करता है एवं वहां से रेत यूपी एवं झारखंड में बेचता है। हमिदुल ने ट्रैक्टर से मारी थी टक्कर
एसपी वैभव बैंकर ने बताया कि घटना के दौरान लिबरा घाट में 03 ट्रेक्टर जिनके ड्राइवर आरीफुल हक, हमिदुल हक एवं उपेंद्र कोरवा संयुक्त टीम को देख भागने की कोशिश कर रहे थे। ट्रैक्टर ड्राइवर हमिदुल के द्वारा आरक्षक शिव बचन सिंह को टक्कर मार फरार हो गया था। ट्रैक्टर ड्राइवर आरीफुल हक एवं उपेन्द्र कोरवा ने भी संयुक्त टीम के जवानों पर ट्रेक्टर चढ़ाने का प्रयास किया था। आरोपी ड्राईवरों ने पूछताछ में बताया कि नसीमुल हक के द्वारा बोला गया था कि जब भी छत्तीसगढ़ के प्रशासन की टीम द्वारा अवैध रेत परिवहन रोका जाएगा तो उन पर ट्रेक्टर चढा देना। पहले पकड़े जा चुके हैं पांच आरोपी
पुलिस ने पहले आरीफूल हक (24 वर्ष), जमील अंसारी (41 वर्ष), उपेंद्र कोरवा (25 वर्ष), शकील अंसारी (22 वर्ष) एवं अकबर अंसारी (50 वर्ष) को गिरफ्तार किया था। मामले में कुल 8 आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक हुई है। जिनकी शिकायत हुई, वे पुलिस गिरफ्त से बाहर
बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेत तस्करी का सरगना नसीमुल हक को बताया है। जबकि लिबरा के ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत में रेत तस्करी का मास्टर माइंड रोहित यादव, विश्वकर्मा जी एवं समशाद मोहम्मद को बताया गया था। ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार रेत तस्कर रोज 500 ट्रैक्टर रेत की तस्करी कर रहे थे। पुलिस की कार्रवाई में ये नाम शामिल नहीं हैं। पुलिस द्वारा अब तक की कार्रवाई पूरी मानी जा रही है। प्रशासनिक एवं पुलिस की कड़ाई के बाद अब रेत तस्करी इन घाटों में बंद हो गई है।


