दयानंद ने कहा-:खनिज राजस्व की हानि रोकना राज्य शासन की प्राथमिकता

राज्य सरकार रेत माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी में जुट गई है। खनिज सचिव पी दयानंद ने संबंधित कलेक्टरों को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पी. दयानंद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के प्रमुख जिलों के कलेक्टरों एवं खनिज अधिकारियों की बैठक ली। इसमें रेत से संबंधित गतिविधियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि रेत के अवैध खनन एवं परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। बैठक में खनिज संचालक रजत बंसल भी उपस्थित थे। राजस्व हानि रोकना शासन की प्राथमिकता खनिज सचिव ने कलेक्टरों को जिला स्तर पर गठित टास्क फोर्स के माध्यम से निगरानी एवं कार्रवाई करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि खनिज राजस्व की हानि रोकना शासन की प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कि स्वीकृत रेत खदानों का संचालन पर्यावरणीय स्वीकृति के अनुसार हो और खनिज राजस्व की समय पर वसूली की जाए। स्वीकृत खदानों से ही रेत का खनन एवं परिवहन हो तथा किसी भी अवैध स्रोत से आपूर्ति के मामले के कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा अगले तीन माह में रेत खदानों को चिन्हांकित कर ई-नीलामी के लिए टेंडर करें। राकेश पाण्डेय की रिपोर्ट राज्य में रेत माफिया बेखौफ हैं। कांस्टेबल से लेकर पंच और पटवारी पर हमले हो रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अवैध रेत परिवहन पर कड़ी कार्रवाई का कोई प्रावधान ही नहीं है। अवैध रेत उत्खनन और परिवहन करने वाले के वाहनों को जब्त कर लिया जाता है लेकिन पेनाल्टी और फाइन जमा करने के बाद वापस छोड़ दिया जाता है। साथ ही अवैध परिवहन में पकड़े गए रेत को भी लौटा दिया जाता है। दरअसल, पिछले 15 दिनों में बलरामपुर से धमतरी तक रेत माफिया ने पुलिस प्रशासन से लेकर जन प्रतिनिधि पर हमला बोला है। इसके बाद से कोर्ट से लेकर सरकार रेत माफिया के खिलाफ सक्रिय हो गई है। संबंधित जिलों के कलेक्टरों को सीधे तौर पर अवैध रेत उत्खनन रोकने की जिम्मेदारी दे दी गई है। पिछले 5 साल में सरकार को रेत खनन से केवल 37.57 लाख रुपए ही मिले कोर्ट ने सरकार को दिया है नोटिस: बलरामपुर जिले में हुई घटना को हाई कोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 9 जून 2025 को होनी है। अदालत के हस्तक्षेप के बाद दोषियों पर कठोर कार्रवाई और अवैध खनन पर रोक लगने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि सरकार को नोटिस मिलने के बाद ही सरकार एक्शन मोड में आ गई है। इसलिए नहीं रूक रहा रेत का अवैध खनन
राज्य में अवैध रेत खनन करने वालों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती है। बताया जा रहा है कि सख्त नियम न होने के कारण ही रेत माफिया बेखौफ अवैध खनन व परिवहन कर रहे हैं। दरअसल, खनिज के परिवहन या उत्खनन के जो प्रकरण दर्ज होते हैं। इसमें पेनाल्टी वसूली जाती है। पेनाल्टी में खनिज का मूल्य भी शामिल होता है। खनिज का मूल्य और फाइन दोनों जोड़कर वसूली होती है। इसके बाद खनिज अवैध खनन करने वाले को वापस दे दिया जाता है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *