देवास में महापौर ने वार्ड नंबर 39 के दरोगा को निलंबित कर दिया और वार्ड नंबर 40 के दरोगा की सेवा समाप्त कर दी है। साथ ही स्वास्थ्य अधिकारी, स्वच्छता निरक्षकों सहित जलप्रदाय विभाग और लोक निर्माण विभाग के उपयंत्रियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। दरअसल, हनुमान अष्टमी के दौरान सोमवार को भगवान खेड़ापति जी को नगर भ्रमण करवाने के वक्त श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। भ्रमण के दौरान तीन बत्ती चौराहे पर रोड पर गंदा पानी भरा था, जिसका सभी श्रद्धालुओं ने विरोध किया। जिसके बाद महापौर ने दरोगा और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। महापौर ने कहा- साफ-सफाई के निर्देश दिए थे महापौर गीता अग्रवाल ने बताया कि मैंने हनुमान अष्टमी पर्व पर खेड़ापति सरकार की निकलने वाली प्रभात फेरी को लेकर मार्गों पर विशेष सफाई के निर्देश दिए थे, लेकिन तीन बत्ती चौराहे पर प्रभात फेरी के दौरान शामिल श्रद्धालुओं को परेशानी हुई। जिसमें निगम के संबंधित वार्ड दरोगा की जवाबदेही तय कर वार्ड-39 के दरोगा विकास सांगते पर निलंबन की कार्यवाही की गई। वहीं, वार्ड-40 के विनियमित दरोगा अमर सांगते की सेवा समाप्त की गई। इसके अलावा स्वास्थ्य अधिकारी जितेन्द्र सिसोदिया और सहायक स्वास्थ्य अधिकारी भूषण पवार संबंधित वार्ड स्वच्छता निरीक्षक विजय सांगते को कारण बताओ सूचना नोटिस जारी किया है। लोक निर्माण विभाग, जलप्रदाय विभाग के उपयंत्रियों दिलीप मालवीय और राजेश कौशल को जल वितरण मे पानी ओवरफ्लो होने, पानी की निकासी समय पर नहीं कराने पर कारण बताओ नोटिस दिया गया है। 20 मिनट तक श्रद्धालुओं ने किया विरोध पीठा रोड़ पर ड्रेनेज का पानी सड़कों पर बह रहा था। जिसको लेकर श्रद्धालुओं ने नगर निगम महापौर के प्रति नाराजगी जताई और प्रभात फेरी को करीब 20 मिनट तक रोककर महापौर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी। श्रद्धालुओं के नाराजगी के बाद शाम को सोमवार शाम को नगर निगम की टीम पीठा रोड़ पर अतिक्रमण हटाने पहुंची। जेसीबी की मदद से दुकानों के बाहर नाले के ऊपर बनाए गए ओटले को हटाया गया। इस दौरान क्षेत्रीय पार्षद सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा।


