लुधियाना के जगराओं शहर के प्रसिद्ध भद्रकाली मंदिर के पास वर्षों से जमा कूड़े को लेकर कार्रवाई की है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने नगर कौंसिल के कार्यकारी अधिकारी सुखदेव सिंह रंधावा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एनजीटी ने पूछा है कि क्यों न आपको गिरफ्तार किया जाए? यह मामला मंदिर कमेटी के प्रधान पराशर देव शर्मा की दूसरी शिकायत पर सामने आया। उन्होंने बताया कि मंदिर के पास लंबे समय से कूड़ा फेंका जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं। इलाके में प्रदूषण भी बढ़ रहा है। एनजीटी ने रिपोर्ट जमा कराने के दिए थे आदेश एनजीटी ने पहले ही नगर कौंसिल को आदेश दिए थे कि 31 दिसंबर 2024 तक कूड़ा हटाया जाए। 15 जनवरी 2025 तक सफाई की रिपोर्ट रजिस्ट्रार जनरल को जमा कराई जाए। पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को भी निर्देश दिए गए थे कि नगर कौंसिल से सफाई कार्य सुनिश्चित करवाया जाए। लेकिन न सफाई हुई, न रिपोर्ट जमा हुई। कमेटी के प्रधान ने दोबारा लगाई अर्जी इस लापरवाही से दुखी होकर पराशर देव शर्मा ने दोबारा अर्जी लगाई। इस पर 2 मई 2025 को सुनवाई हुई। एनजीटी ने ईओ रंधावा को नोटिस भेजा। चेतावनी दी कि यदि सफाई में प्रगति नहीं हुई तो गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। पंजाब स्टेट मॉनिटरिंग कमेटी की रिपोर्ट में भी खुलासा हुआ कि मंदिर के पास अब भी कूड़े का ढेर लगा है। किसी तरह की सफाई नहीं हुई। एनजीटी ने नगर कौंसिल से पूछा कि इतने वर्षों में सफाई क्यों नहीं की गई। श्रद्धालुओं की भावनाओं और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ क्यों किया गया? 18 जुलाई को अगली सुनवाई हाल ही में सांसद राजा वडिंग भी शहर में लगे कूड़े के पहाड़ देख खुद हैरान थे। जिसको लेकर सांसद ने अपने पार्षदों संग मिलकर लुधियाना के डीसी हिमांशु जैन से मुलाकात की। उन्होंने नगर कौंसिल को स्थायी कूड़ा निस्तारण स्थल तय करने की चेतावनी दी। कहा कि समाधान न हुआ तो संघर्ष होगा।


