शिकार करने बिछाए तरंगित तार की चपेट में आया युवक:बलरामपुर में युवक की मौके पर मौत, 36 घंटे बाद जंगल में मिला शव

बलरामपुर जिले के अजगरा नाले के पास जंगली जानवरों के शिकार के लिए बिछाए गए तरंगित तार की चपेट में आकर 20 युवक की मौत हो गई। युवक अपने साथियों के साथ बाइक में सवार होकर वाड्रफनगर जाने के लिए निकला था। अजगरा नाले के पास वह शौच के लिए रूका। जंगल के अंदर जाते ही वह तरंगित तार की चपेट में आ गया। पुलिस शिकार के लिए तरंगित तार फैलाने वालों की खोजबीन में जुटी है। मामला वाड्रफनगर चौकी क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, वाड्रफनगर चौकी क्षेत्र अंतर्गत प्रेमनगर निवासी राम विकास विश्वकर्मा (20 वर्ष) पिता दयाशंकर विश्वकर्मा अपने दो साथियों राहुल गोंड और शैलेश यादव के साथ बाइक में सवार होकर गुरुवार रात डे-नाइट क्रिकेट प्रतियोगिता देखने के लिए वाड्रफनगर जाने के लिए निकला था। रास्ते में अजगरा नाले के पास राम विकास विश्वकर्मा शौच के लिए रूका। वह जंगल में शौच के लिए जंगल में अंदर घुस गया। करंट लगने से मौत, भाग निकले साथी
राम विकास विश्वकर्मा सड़क से कुछ दूर अंदर जंगल में घुसा तो वह तरंगित तार की चपेट में आ गया। मौके पर करंट फैलने से चिनगारी निकली एवं पत्तों में आग लग गई। राम विकास विश्वकर्मा की मौके पर ही मौत हो गई। यह देखकर उसके दोनों साथी डर गए और भाग निकले। राहुल गोंड़ एवं शैलेश यादव ने इसकी सूचना प्रेमनगर पंचायत के सरपंच को शुक्रवार शाम को दी। सरपंच ने इसकी जानकारी वाड्रफनगर चौकी पुलिस को दी। पुलिस टीम के साथ ग्रामीण रात को घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन युवक का शव नहीं खोज पाए। जंगल में मिला शव, बिछा मिला तरंगित तार
बसंतपुर एवं वाड्रफनगर पुलिस टीम ने शनिवार सुबह शव की खोजबीन शुरू की। अंबिकापुर से फारेंसिक एक्सपर्ट प्रभात भगत भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने विद्युत विभाग से बिजली सप्लाई बंद करा तरंगित तार को जब्त किया। राम विकास विश्वकर्मा के पैरों एवं शरीर के अन्य हिस्सों में जहां तार के संपर्क में आया, वह हिस्सा जला हुआ मिला। वाड्रफनगर चौकी प्रभारी धीरेंद्र तिवारी ने बताया कि युवक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मौके पर जंगली जानवरों के शिकार के लिए 650 मीटर तार फैलाया हुआ मिला, जिसे लकड़ी की 60 से अधिक पतले खंभे गाड़कर लगाया गया था। खुले तारों को पास से गुजरे 11 हजार वोल्ट के तारों से जोड़ा गया था। करंट लगाने वालों को सुराग नहीं मिला है। पहले भी हो चुकी है घटनाएं
जंगली जानवरों के शिकार के लिए बिछाए गए तरंगित कार की चपेट में आने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। एक वर्ष पूर्व बलरामपुर के डुमरखी में बजरंग दल के नेता एवं युवती की तरंगित तार की चपेट में आकर मौत हो गई थी, जिसे लेकर बलरामपुर में खासा हंगामा हुआ था। कोचली में भी तरंगित तार की चपेट में आने से एक ग्रामीण की मौत हो गई थी।

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