छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पुलिस ने बलवा नियंत्रण का मॉकड्रिल किया। इस दौरान पुलिस ने बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने का अभ्यास किया। मॉकड्रिल में पत्थरबाजी की स्थिति से निपटने की ट्रेनिंग दी गई। पुलिस ने लाठीचार्ज का भी अभ्यास किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 5 राउंड हवाई फायरिंग की गई। यह अभ्यास शांति व्यवस्था बनाए रखने की तैयारियों का हिस्सा था। मॉकड्रिल में पुलिस बल ने विभिन्न परिस्थितियों में कार्रवाई का प्रशिक्षण लिया। इस दौरान नए-नए प्रयोग सीखे। मॉक ड्रिल में बेकाबू हुए उपद्रवी के ऊपर पुलिस ने आंसू गैस छोड़े और लाठियां भी चलाई। उपद्रवियों द्वारा पत्थर बाजी भी की गई। जिनके ऊपर फायरिंग भी की गई। उग्र हो रहे प्रदर्शनकारी, दंगाइयों से कैसे निपटें और शांति व्यवस्था कैसे नियंत्रित करे जिसके दृष्टिगत रखते हुए रक्षित केंद्र यह अभ्यास किया गया है। मजिस्ट्रेट के आदेश उपरांत 5 राउंड फायरिंग मॉक ड्रिल के दौरान बलवाई नहीं माने तो टियर गैस के गोले दागे गए तब भी प्रदर्शनकारी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे थे। तब पुलिस द्वारा अनाउंसमेंट कर चेतावनी दी गई, किन्तु प्रदर्शनकारियों को उग्र होता देख कर पुलिस ने लाठी चला दी। बेकाबू भीड़ को रोकने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाने के लिए मजिस्ट्रेट के आदेश उपरांत 5 राउंड फायर किया गया। जिसमें कुछ प्रदर्शनकारी घायल हो गए एवं कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए जिन्हें उपचार हेतु डॉक्टर की टीम द्वारा एम्बुलेंस से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। विपरीत परिस्थितियों से निपटने मॉकड्रिल का आयोजन बलवा मॉकड्रिल में दोनों ही भूमिकाओं में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी थे। कानून-व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए तथा विपरीत परिस्थितियों में भीड़ पर नियंत्रण पाने के लिए अमले को प्रशिक्षण देने और अपनी क्षमताओं की परख करने के लिए समय-समय पर इस तरह की मॉकड्रिल आयोजित की जाती है, ताकि कानून व्यवस्था ड्यूटी, धरना-प्रदर्शन के दौरान विपरीत परिस्थितियों में पुलिसकर्मी अपने आप को सुरक्षित रखे। वहीं, एसपी ने बलवा ड्रिल का समीक्षा कर उपस्थित अधिकारी कर्मचारियों को संबंधित प्रश्न का सही जवाब देने वाले 06 अधिकारी/कर्मचारियों को इनाम से नवाजा गया।


