गरियाबंद पुलिस ने बलौदाबाजार विद्युत विभाग के इंजीनियर को सरकारी नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी इंजीनियर ने पीड़ित से उनके रिश्तेदारों को नौकरी दिलाने के नाम पर 60 लाख रुपए ठग लिए थे। जांच में यह भी पता चला कि ठगे गए पैसों को आरोपी ने ऑनलाइन जुए और सट्टा में गंवा दिया। यह मामला पांडुका थाना क्षेत्र का है। इसी इलाके के रहने वाले महेंद्र साहू ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक जब आरोपी इंजीनियर कुलेश्वर साहू की जब गरियाबंद में पोस्टिंग थी। इसी बीच उसकी महेंद्र साहू से मुलाकात हुई। तब उसने महेंद्र से उनके रिश्तेदारों को बिजली विभाग में नौकरी लगवाने की बात कही। आरोपी इंजीनियर के झांसे में आकर महेंद्र ने करीब 60 लाख रुपए उसे दे दिए। इसके बदले आरोपी ने फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी थमा दिया। जब नियुक्ति के लिए संबंधित कार्यालयों में संपर्क किया गया तो फर्जीवाड़े का पता चला। ठगी का अहसास होते ही पीड़ित पैसा वापस मांगते रहे, लेकिन आरोपी ने टालमटोल करता रहा। इसके बाद पीड़ित महेंद्र ने 14 मई को पांडुका थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया। ऑनलाइन सट्टा बना धोखाधड़ी की वजह इसके बाद पुलिस ने आरोपी इंजीनियर को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो इंजीनियर ने जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपी ऑनलाइन सट्टेबाजी का आदी था। उसने ठगी के पैसों सहित और भी रकम जुए में हार गया था। एडिशनल एसपी जितेंद्र चंद्राकर ने बताया कि पूछताछ के दौरान अभियंता ने स्वीकार किया कि उसे ऑनलाइन सट्टा खेलने की लत लग गई थी। उसी लत के चलते उसने ठगे गए पैसों के अलावा भी लाखों रुपए सट्टा खेल में हार गया। आर्थिक तंगी की वजह से वह ठगी की रकम वापस नहीं कर पाया। शुक्रवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जब्ती में केवल 40 हजार रुपए नकद पुलिस ने आरोपी के बलौदा बाजार स्थित निवास में दबिश देकर ₹40,000 नकद, लैपटॉप, प्रिंटर, और एक बोलेरो वाहन जब्त किया है। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पांडुका के अलावा और किन लोगों से इस तरह की ठगी की गई है।


