गुरमीत लूथरा | अमृतसर पाकिस्तान के पंजाब राज्य की असेंबली (विधानसभा) ने 4 दिन पहले आनंद मैरिज एक्ट रजिस्ट्रेशन लाइसेंस लागू कर दिया है। अब पाकिस्तान विशेषकर लहंदे पंजाब के सिख समुदाय के बाशिंदे सिख आनंद मैरिज एक्ट के तहत शादी का रजिस्ट्रेशन करा सर्टीफिकेट हासिल कर सकेंगे। इससे पहले सिख दंपत्तियों के विवाह आनंद मैरिज एक्ट की बजाय मुसलमान समुदाय के निकाहनामा एक्ट के तहत ही लागू होते थे। निकाहनामा एक्ट के तहत ही सर्टीफिकेट जारी होते थे। पाकिस्तान में इसे लागू करवाने का श्रेय पंजाब प्रांत के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री एवं पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान रमेश सिंह अरोड़ा को जाता है। पाकिस्तान में इसे लागू करने के लिए साल 2017 से प्रयास जारी हैं, 2017 में पाक सरकार द्वारा इसे लागू करने के प्रयास किए गए थे लेकिन सफलता नहीं मिल पाई थी। साल 2019 में फिर प्रयास शुरु किए गए, लेकिन रमेश सिंह अरोड़ा के प्रयास मई 2025 में रंग लाए जब सरकार ने इसे मान्यता प्रदान की तथा 14 मई, 2025 को अरोड़ा ने ही सियालकोट के गुरुद्वारा पहली पातशाही बेर साहिब के मुख्य सेवादार जसकरण सिंह सिद्धू को पंजाब आनंद कारज रजिस्ट्रार लाइसेंस जारी किया गया है। उक्त लाइसेंस की अवधि 5 साल यानि मई 2030 तक रहेगी। रमेश सिंह अरोड़ा ने बताया कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में इसे लागू करने के बाद अन्य राज्यों खैबर पख्तूनख्वा, बलोचिस्तान, सूबा ए सिंध व अन्य राज्यों की विधानसभाओं में भी जल्द ही आनंद मेरिज एक्ट लागू किया जाएगा। उनका कहना है कि पाकिस्तान के अन्य राज्यों में इसे लागू करने के लिए संबंधित अल्पसंख्यक व मानवाधिकारों संबंधी विभाग को इसकी रुपरेखा -तैयारियां करने के आदेश दिए गए हैं।


