भास्कर न्यूज | अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने शुक्रवार को 2 मामलों में एक किलो हेरोइन, 45.19 लाख ड्रग मनी, एक काउंटिंग मशीन, बाइक बरामद कर 3 तस्करों को काबू करने की जानकारी दी। पहले मामले में सीआईए-2 स्टाफ ने एक तस्क को काबू कर आधा किलो हेरोइन, 30.19 लाख ड्रग मनी और एक काउंटिंग मशीन बरामद की। आरोपी की पहचान झब्बाल, तरनतारन के रहने वाले राहुल के रूप में हुई है। दूसरे मामले में थाना वेरका पुलिस ने बाइक सवार 2 तस्करों को काबू कर आधा किलो हेरोइन, 15 लाख ड्रग मनी और एक ड्रोन बरामद किया। आरोपियों की पहचान खिलचियां के रहने वाले गुरमुख सिंह और वरिंदर सिंह के रूप में हुई है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि दोनों मामले शुक्रवार को ही ट्रेस किए गए हैं। पकड़े गए आरोपी हवाला के जरिए ड्रग मनी विदेश भेजते थे। दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपी गुरमुख सिंह ने बी-कॉम की पढ़ाई की है। पहले से कोई केस दर्ज नहीं है। आरोपी राहुल ने ड्रग मनी और हेरोइन छिपाने के लिए गेट हकीमां के अधीन आते आनंद विहार में एक किराये पर मकान ले रखा था। जहां से पुलिस ने 30.19 ड्रग मनी बरामद की। आरोपी राहुल ने जर्मन बैठे टोनी के संपर्क में था। वहीं आरोपी गुरमुख और वरिंदरपाल सिंह की निशानदेही पर मेहता रोड, जंडियाला अकालगढ़ स्थित एक घर में बेड बाक्स में बनाई गुप्त जगह से 15 लाख ड्रग मनी बरामद की। इनके किंगपिन घरिंडा के रहने वाले तजिंदर सिंह और जसविंदर सिंह है, जो इन्हें निर्देश देते थे। दोनों अभी फरार चल रहे हैं। अरोपी गुरमुख और वरिंदरपाल ड्रोन को चलाना सीख रहे थे। वह तजिंदर और जसविंदर को रास्ते से हटाकर खुद पाक तस्करों के साथ संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे, ताकि सीधे ड्रोन से खेप लेकर आ सकें।
भास्कर न्यूज | अमृतसर पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में फंसे ड्राईफ्रूट के 10 ट्रक शनिवार को आईसीपी अटारी के रास्ते भारत पहुंचे। इससे पहले शुक्रवार को 5 ट्रक पहुंचे थे। व्यापारियों के मुताबिक, अफगानिस्तान से भारत के लिए आने वाले कुल ट्रक 162 थे, जो भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण माहौल के चलते पाकिस्तान में फंस गए थे। भारतीय व्यापारी अनिल मेहरा ने बताया कि कुल 162 ट्रक पाकिस्तान में खड़े थे, जिन्हें क्लीयरेंस मिली है। यह ट्रक 15 दिन में भारत आ जाएंगे। इसके बाद कोई भी नया आर्डर अफगानिस्तान को नहीं दिया गया है। अगला ऑर्डर भारत-पाक के बीच बातचीत के बाद ही दिया जाएगा। बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार के सख्त आदेशों के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से भारत आने वाले 162 ट्रकों को रोक लिया था। 23 अप्रैल को पाकिस्तान की ओर से यह आदेश जारी किया गया था। उसके बाद दोनों देशों के बीच पैदा हुए युद्ध जैसे हालातों के चलते ये ट्रक वहीं फंस गए थे, लेकिन युद्ध विराम के बाद 16 मई को पाकिस्तान ने इन ट्रकों को भारत भेजने के आदेश जारी कर दिए। जिस पर शुक्रवार को 5 ट्रक भारत पहुंचे थे। शनिवार को दूसरे दिन भी पाकिस्तान में फंसे इन ट्रकों की आईसीपी अटारी पर आमद जारी रही। व्यापारियों के मुताबिक शुक्रवार को 10 ट्रक भारत पहुंचे हैं। जिनमें ड्राइफ्रूट के अलावा जड़ी-बूटियां, मुलेठी और रतनजोत भी शामिल हैं। पंजाब स्वर्णकार संघ ने भारत-पाक युद्ध के दौरान पाकिस्तान का समर्थन करने वाले देश तुर्की का पूरी तरह से बायकॉट करने का ऐलान किया है। यह फैसला पंजाब स्वर्णकार संघ के प्रदेश प्रधान अश्वनी नामेशाह की अध्यक्षता में शनिवार को गुरु बाजार में हुई बैठक में लिया गया। उन्होंने खुलासा किया कि स्वर्णकार संघ के स्वर्णकारों ने तुर्की के साथ किसी भी तरह के व्यापारिक संबंध कायम न रखने का भी फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि स्वर्णकारों ने बायकॉट के फैसले के तहत भविष्य में कभी भी तुर्की भ्रमण न करने की घोषणा भी की है। नामेशाह ने बताया कि तुर्की ने भारत-पाक युद्ध में पाकिस्तान को हथियार सप्लाई कर एवं पाक सरकार का समर्थन कर भारत की पीठ पर छुरा घोंपा है। उन्होंने कहा कि देश का कोई भी देशभक्त कारोबारी उक्त गद्दार मुल्क से कोई भी ताल्लुक नहीं रखना चाहेगा। उन्होंने कहा कि 10 साल पहले तुर्की में आई कुदरती आपदा में भारत सरकार ने तुर्की को हर संभव आर्थिक सहयोग प्रदान किया था, तुर्की को हर जरुरी वस्तु व सहायता प्रदान की थी, जबकि तुर्की सरकार ने आतंकवादी मुल्क पाक का साथ देकर भारत के साथ गद्दारी की है। उन्होंने भारत सरकार से इस तुर्की मुल्क पर हर तरह की पाबंदी लगाने तथा हर तरह के संबंध तोड़ने की घोषणा करने की अपील की है।


