अंवरी| भैंसबोड़ में 13 मई से जारी श्री शिव पुराण कथा का 19 मई को समापन होगा। आयोजन छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया दुर्गोत्सव समिति, गंजीर परिवार और ग्रामवासियों के सहयोग से हो रहा है। कथावाचक पं युवराज पांडेय अमलीपदर, गरियाबंद हैं। उन्होंने माता रानी की जस पचरा गीत सुनाए। गीत सुनकर भक्त झूम उठे। दोनों हाथ उठाकर, तालियां बजाकर माता का गुणगान किया। कथा में उन्होंने देवी सती और भगवान शंकर के विवाह की कथा सुनाई। विवाह के बाद दोनों कैलाश पर्वत पर रहने लगे। बताया कि राजा दक्ष ने यज्ञ कराया। सभी देवताओं को बुलाया, पर शिव और सती को नहीं बुलाया। राजा दक्ष को सती का शिव से विवाह पसंद नहीं था। सती जब यज्ञ स्थल पहुंचीं, तो देखा कि शिव को आमंत्रण नहीं मिला। उन्होंने पिता से कारण पूछा। राजा दक्ष ने शिव के लिए अपमानजनक बातें कहीं। कथा दोपहर 1 बजे से हरी इच्छा तक जारी है।


