पाकिस्तान के 23 हजार से ज्यादा नागरिक इस समय दुनिया के कई देशों की जेलों में बंद है। इन्हें रेप, मर्डर और ड्रग तस्करी जैसे गंभीर आरोपों में दोषी ठहराया गया है। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी संसद में दी है। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में प्रश्नकाल के दौरान इससे जुड़ा सवाल पूछा गया था, जिसका मंत्रालय ने लिखित जवाब दिया। अपने लिखित जबाव में मंत्रालय ने बताया कि पाकिस्तान के कुल 23456 पाकिस्तानी नागरिक विदेशों की जेल में बंद हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 12156 सऊदी अरब में कैद है। सऊदी के बाद दूसरे नंबर पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) है, जहां 5292 पाकिस्तानी जेल की सजा काट रहे हैं। चीन में ड्रग्स तस्करी और बलात्कार जैसे अपराधों में शामिल चीन की जेलों में भी 400 पाकिस्तानी बंद हैं। इनमें से ज्यादातर को ड्रग तस्करी, बलात्कार, डकैती और हत्या जैसे गंभीर अपराधों में दोषी पाए गए हैं। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक बहरीन में बंद 450 पाकिस्तानी नागरिकों को ड्रग तस्करी, नशीले पदार्थों के कब्जे और धोखाधड़ी के आरोपों में सजा हुई है। वहीं अफगानिस्तान ने 88 पाकिस्तानी नागरिकों को ओवरस्टे और सुरक्षा से जुड़े अपराधों में दोषी ठहराया है। इस्लामिक देशों में भी पाकिस्तानी नागरिकों का रिकॉर्ड खराब है। कतर में 338, ओमान में 309, मलेशिया ने 255 पाकिस्तानी अलग-अलग अपराधों में सजा काट रहे हैं। यूरोपीय देशों में भी बढ़ रही पाकिस्तानी अपराधियों की संख्या यूरोप के भी कई देशों में पाकिस्तानी अपराधियों की संख्या बढ़ती जा रही है। फ्रांस में 168 और जर्मनी में 94 पाकिस्तानी जेल में बंद हैं। ऑस्ट्रिया में भी पाकिस्तानियों को अवैध घुसपैठ, मानव और ड्रग तस्करी, हत्या और यौन उत्पीड़न जैसे मामलों में दोषी ठहराया गया है, हालांकि संख्या नहीं बताई है। नॉर्वे में 3, फिनलैंड में 2, कनाडा में 9 डेनमार्क में 27 पाकिस्तानी दोषी ठहराए गए हैं। पाकिस्तानियों पर ब्रिटेन में बच्चियों से रेप का आरोप साल 2022 में एक रिपोर्ट जारी हुई थी। इसमें बताया गया था कि इंग्लैंड के रॉदरहैम, कॉर्नवाल, डर्बीशायर, रोशडेल और ब्रिस्टल शहर में साल 1997 से 2013 के बीच कम से कम 1400 नाबालिग बच्चियां यौन शोषण की शिकार बनीं थीं। आरोपियों में सबसे ज्यादा पाकिस्तानी मूल के लोग थे। ज्यादातर लड़कियों को एक संगठित गैंग ने बहला-फुसलाकर शिकार बनाया और उनकी तस्करी कर दी गई थी। सबसे पहला मामला रॉदरहैम शहर का था। इसके बाद जांच करने पर उत्तरी इंग्लैंड के कई शहरों में इसी तरह के और भी मामले सामने आए। खुद ही पीड़िताएं सामने आईं, पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग का खुलासा किया साल 2022 में कुछ पीड़िताएं खुद सामने आईं और अपने साथ हुए अत्याचारों के बारे में दुनिया को बताया। इसमें बताया गया कि पाकिस्तानी मूल के लोगों के एक गिरोह ने नाबालिग लड़कियों को ड्रग्स, पैसे अथवा ब्रेन वॉश करके फंसाया और उनका दुष्कर्म किया। इसके बाद देश प्रो. एलेक्स जे की कमेटी का गठन किया गया। कमेटी ने पाया कि 1997 से 2013 के बीच 1400 से ज्यादा लड़कियों का यौन शोषण किया गया। आरोपियों में सबसे ज्यादा पाकिस्तानी मूल के लोग थे। कमेटी की रिपोर्ट में दोषी पाकिस्तानी लोगों पर कार्रवाई की सिफारिश की गई। अपराध की इन घटनाओं को रॉदरहैम स्कैंडल नाम दिया गया। बाद में इसे पाकिस्तानी ग्रूमिंग रेप गैंग भी कहा गया। यानी पाकिस्तानी युवा इन्हें साजिश के तहत फंसाते हैं। कुछ मामलों में लड़कियों की ट्रैफिकिंग भी यूरोपीय देशों को होती थी। —————————————


