गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ तीन सीनियर अधिकारी चुकतीपानी गांव पहुंचे। ये तीनों अधिकारी पहले अविभाजित बिलासपुर जिले के कलेक्टर रह चुके हैं। वर्तमान में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद के रूप में सेवारत हैं। अमिताभ जैन ने 22 नवंबर से 17 दिसंबर 2003 तक कलेक्टर के रूप में काम किया। सुबोध सिंह 1 मई 2007 से 20 दिसंबर 2018 तक इस पद पर रहे। पी दयानंद ने 31 मई 2017 से 24 दिसंबर 2018 तक कलेक्टर का पद संभाला। शुरुआत में तीनों को इस संयोग का ध्यान नहीं था। बाद में जब यह बात सामने आई, तो सभी ने अपने कार्यकाल की यादों को साझा किया। पर्यटन की संभावनाओं पर दिया जोर मुख्य सचिव जैन ने नई योजनाओं से हो रहे विकास और पर्यटन की संभावनाओं पर जोर दिया। प्रमुख सचिव सिंह ने अचानकमार और अमरकंटक से लगे इस जिले में अधोसंरचना विकास की चर्चा की। मुख्यमंत्री के सचिव दयानंद ने भी विकास कार्यों की सराहना की। बात दें कि 2020 से पहले गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर जिले का हिस्सा था। अब यह एक अलग जिला है, जहां विकास की नई कहानी लिखी जा रही है।


