कांकेर जिले में मादा भालू अपने शावक के साथ और एक लकड़बग्घा देखने को मिला है। ठेलकाबोर्ड़ में राहगीरों ने इन जानवरों की तस्वीरें खींची, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। गर्मी के मौसम में जंगल के पेड़-पौधों के सूखने और जल स्रोतों में पानी की कमी के कारण जंगली जानवर रिहायशी इलाकों में आ रहे हैं। जिले का अब जंगल सफारी जैसा दिखने लगा है, जहां लकड़बग्घा, भालू, तेंदुआ और हाथी जैसे जानवर अक्सर दिखाई देते हैं। स्थानीय लोग इन जानवरों से भयभीत हैं। भोजन और पानी की व्यवस्था का दावा वन विभाग जानवरों की सुरक्षा के लिए काम कर रहा है। विभाग का दावा है कि वे नियमित रूप से जानवरों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। गांव में तेंदुए से दहशत दूसरी ओर, दुधावा में एक छोटे बच्चे पर तेंदुए के हमले के बाद ग्रामीणों ने विरोध जताया है। उनकी मांग है कि तेंदुए को पकड़कर दूसरे क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग द्वारा केवल निगरानी कैमरे लगाना पर्याप्त नहीं है। वे चाहते हैं कि आदमखोर तेंदुए को तुरंत पकड़कर अन्यत्र छोड़ा जाए ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।


