छत्तीसगढ़ में बांग्लादेशी घुसपैठियों को लेकर कार्रवाई जारी है। दुर्ग में पहचान छिपाकर रहने वाले बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया गया है। सोमवार को एक कार्टून भारतीय जनता पार्टी ने जारी किया। सोशल मीडिया अकाउंट पर इस कार्टून को पोस्ट किया गया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भी जिक्र है। कार्टून पर भाजपा ने लिखा- फर्क साफ है, इसमें 2018 और 2024 के बाद की स्थिति को दिखाया गया है। 2018 वाले हिस्से में बांग्लादेशियों को छत्तीसगढ़ में पनाह देने की स्थिति दिखाई गई है। दूसरे हिस्से में बांग्लादेशियों पर कार्रवाई का सीन दिखाया गया है। इसे पोस्ट करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर यह कैप्शन लिखा है- फर्क साफ है! भूपेश के कुशासन में बांग्लादेशियों को मिली पनाह और विष्णु के सुशासन में उन्हें मिली सजा। अवैध रूप से हमारे छत्तीसगढ़ में रहने वालों सामने आ जाओ वरना जेल का रास्ता देखना पड़ेगा। सरकार ने बनाई STF
पुलिस की एक टीम को बांग्लादेशी-पाकिस्तानी नागरिकों को ढूंढने का काम दिया गया है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के कामों की जानकारी प्रदेश के गृहमंत्री ले रहे हैं। अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को पुलिस टीम ढूंढ रही है। केंद्र सरकार से भी इस मामले में मदद ली जा रही है। रायपुर से हो चुकी है गिरफ्तारी
फरवरी में रायपुर पुलिस ने तीन बांग्लादेशी भाइयों को पकड़ा है। ये जेल में हैं। एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) की जांच में खुलासा हुआ है कि मोहम्मद इस्माइल (27), शेख अकबर (23) और शेख साजन (22) ने अलग-अलग देशों में संपर्क साधा था। 10 फरवरी को रायपुर में अवैध रूप से रह रहे तीन बांग्लादेशी को मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। तीनों भाई फर्जी पासपोर्ट के जरिए इराक के बगदाद भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन ATS की टीम ने समय रहते कार्रवाई कर उन्हें दबोच लिया। दुर्ग पुलिस की STF ने हाल ही में बांग्लादेशी कपल को गिरफ्तार किया है। भिलाई में पत्नी घरेलू काम करती थी और पति इंडस्ट्रीज में काम करता था। STF प्रभारी सत्य प्रकाश तिवारी के अनुसार, उन्हें जानकारी मिली कि सुपेला के कांट्रैक्टर कॉलोनी में एक महिला और पुरुष अवैध तरीके से पहचान छिपाकर रह रहे हैं। दोनों बांग्लादेश के निवासी हैं और भारत जिस वीजा पासपोर्ट से आए थे, वो एक्सपायर हो गया है। जब उनके दस्तावेजों की जांच कर उनसे पूछताछ की गई तो महिला ने अपना नाम ज्योति बताया और उसके पति ने अपना नाम रासेल शेख बताया। जब पुलिस ने बारीकी से जांच की तो पता चला कि महिला का असली नाम शाहिदा खातून (35 साल) है। वो यहां अपना नाम (ज्योति) बदलकर भिलाई में किराए के मकान में रह रही है। रायगढ़ में मिले पाकिस्तानी
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के कोड़ातराई गांव में पाकिस्तानी भाई-बहन को पुलिस ने पकड़ा है। वे फर्जी वोटर आईडी बनाकर यहां रह रहे थे। दरअसल, दोनों भाई-बहनों का जन्म पाकिस्तान के कराची में हुआ था। उनके पिता याकूब कोड़ातराई के रहने वाले थे, लेकिन उन्होंने शादी पाकिस्तान में की और दो बच्चे पाकिस्तान में जन्म लिए और 1 बच्चे का जन्म यहां छत्तीसगढ़ में हुआ। ऐसे समय में जब केंद्र सरकार ने पाकिस्तानियों को भारत छोड़ने के लिए कहा है, उनके सामने मुसीबत आ पड़ी है कि आखिर जाए तो कहां जाए। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष लालमणि त्रिपाठी के मुताबिक, भारत में दोहरी नागरिकता का प्रावधान नहीं है। ऐसे में ये मामला अब कोर्ट तक पहुंच गया है।


