पाकिस्तानी जासूस नोमान इलाही से खुलासे:भारतीय खातों से मिलती थी पेमेंट; पासपोर्ट खत्म हुआ फिर भी गया पाकिस्तान

पानीपत में पकड़े गए पाकिस्तानी जासूस नोमान इलाही 7 दिन की पुलिस रिमांड पर है। रिमांड के दौरान नोमान ने बड़ा राज उगला है। नोमान इलाही ने ट्रेनों में जासूसी के वीडियो सीधे पाकिस्तान में बैठे आतंकी इकबाल काना को भेजे हैं। लेकिन उसे पाकिस्तान से कोई पेमेंट नहीं मिली है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जासूस नोमान को हमेशा भारतीय खातों से पेमेंट किया जाता रहा है। इस बात का कभी किसी को शक भी नहीं हुआ। कई लोगों के खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए। जांच के दौरान पुलिस ने एक दर्जन से ज्यादा ऐसे लोगों की पहचान की है और उनके खातों की जांच कर रही है। इन खातों में भारतीय खातों से पैसे ट्रांसफर किए गए। 2010 में खत्म हो चुका पासपोर्ट, 2017 में गया पाकिस्तान
सूत्रों ने कहा कि इलाही पर एक अच्छी तरह से प्रशिक्षित आईएसआई जासूस होने का संदेह है। क्योंकि वह जांच एजेंसियों को गुमराह कर रहा है और उचित जानकारी नहीं दे रहा है। सीआईए इकाई ने उत्तर प्रदेश के कैराना में बेगमपुरा बाजार स्थित उसके घर से उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया, जब उसे शुक्रवार सुबह उसके घर की तलाशी लेने के लिए वहां ले जाया गया। उसके पासपोर्ट का विश्लेषण करने के बाद टीम ने पाया कि उसकी वैधता 2010 में समाप्त हो चुकी थी। हालांकि, सूत्रों ने कहा कि आरोपी ने दावा किया था कि वह 2017 में पाकिस्तान गया था। एजेंसियां ​​2017 में उसकी पाकिस्तान यात्रा के बारे में सभी विवरण प्राप्त करने की कोशिश कर रही हैं। 5 साल की उम्र में बन गया था पासपोर्ट
पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार नोमान इलाही का पांच साल की उम्र में ही पासपोर्ट बन गया था। वह 2010 तक तीन बार पाकिस्तान जा चुका था। पानीपत पुलिस की सीआईए-वन ने आरोपी नोमान इलाही का बचपन में बनवाया पासपोर्ट बरामद कर लिया है। जबकि उसका नवीकृत पासपोर्ट बरामद नहीं हो पाया है। पुलिस उससे नए पासपोर्ट के बारे में भी पूछताछ कर रही है। चार बार नोमान गया पाकिस्तान
नोमान 2017 से पहले चार बार पाकिस्तान जा चुका है। पाकिस्तान में नोमान की बुआ और मौसी रहती हैं,लेकिन जांच एजेंसियों को शक है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि इन यात्राओं की आड़ में नोमान आईएसआई हेंडलर्स से मिलता रहा हो और देश विरोधी गतिविधियों के निर्देश प्राप्त करता रहा हो। वहीं नोमान की बहन का कहना है कि पाकिस्तान में रिश्तेदारों से डेढ़ माह पहले एक आमंत्रण को लेकर बात हुई थी। डेटा रिकवरी के लिए जासूस का फोन लैब में भेजा
इलाही के मोबाइल फोन को उसके द्वारा डिलीट किए गए डेटा की रिकवरी के लिए लैब भेजा गया। पुलिस को उसके फोन से कुछ वॉयस मैसेज भी मिले हैं, जिसमें कॉलर उससे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पठानकोट और गुरदासपुर में ट्रेनों से सेना की आवाजाही के बारे में जानकारी देने को कह रहा था।

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