कवर्धा के पचराही में बनेगा प्रशिक्षण केंद्र:औषधीय गुणों से परिपूर्ण देसी गायों के लिए प्रदेशभर में गोधाम योजना शुरू होगी, प्रत्येक गोधाम के लिए हर साल 60 हजार रुपए खर्च होंगे

छत्तीसगढ़ सरकार जल्द ही सड़कों पर घूम रही देसी गायों के लिए गोधाम योजना शुरू करने जा रही है। देसी गाय में औषधि गुणों के अलावा कई और फायदे हैं। इसे देखते हुए ही गौ सेवा आयोग द्वारा प्रस्ताव तैयार कर राज्य शासन को भेजा है। योजना के पहले चरण में प्रदेश के 1460 गौठानों को शामिल किया गया है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक विकासखंड से 10 गौठान चिह्नित किए जाएंगे। जिन गौठानों में पानी, बिजली, बाउंड्रीवाल जैसी सुविधाएं पहले से मौजूद हैं। उन्हें और बेहतर बनाया जाएगा। हर गौठान में 200 गाय-बैल रखे जाएंगे। यह योजना इसी सत्र में शुरू होने की उम्मीद है। प्रदेश में अतिक्रमण के कारण चारागाह की कमी बनी हुई है। ऐसे में मवेशी भटकते हैं। सड़कों पर जमावड़ा बना रहता है। अभयारण्य में भी सभी मवेशियों को रखना संभव नहीं है। ऐसे में गौ सेवा आयोग ने गोधाम योजना लाने की तैयारी की है। इसके तहत कांग्रेस शासन में बने गौठानों का सर्वे किया जा रहा है। जिन गौठानों में शेड, बोरवेल और घेराबंदी जैसी सुविधाएं हैं, उन्हें योजना में शामिल किया जा रहा है। पहले चरण में 1460 गौठानों को विकसित किया जाएगा। हर गोधाम को सालाना 60 हजार रुपए दिए जाएंगे। इस राशि का उपयोग गोधाम के रेखरेख, मवेशियों की इलाज सहित अन्य सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा। योजना के तहत सभी गोधाम का संचालन स्वयं सेवी संस्थाओं द्वारा किया जाएगा। जिसके लिए टेंडर जारी किया जाएगा। नियमों के तहत गोधाम का संचालन होगा। साथ ही गौ सेवा आयोग व पशु विभाग द्वारा हर छह माह में इसका निरीक्षण भी किया जाएगा। इन संस्थानों द्वारा ठीक के क्रियान्वयन नहीं करने पर किसी अन्य संस्था को इसका संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी। पचराही में पंचद्रव्य का प्रशिक्षण केन्द्र
पचराही में 2017 में गौ अभयारण्य बनाने की स्वीकृति मिली थी। लेकिन 2018 में सरकार बदलने के बाद काम रुक गया। अब फिर से इस पर काम शुरू हो रहा है। यहां मवेशियों को रखने के साथ प्रशिक्षण संस्थान के रुप में तैयार किया जाएगा। इसके लिए दो करोड़ 68 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जहां 500 गाय व बैल रखे जाएंगे। इस प्रशिक्षण केंद्र में वृहद स्तर पर कार्य किया जाएगा। दिसंबर 2024 से प्रक्रिया जारी
गोधाम योजना के लिए पूरा प्रस्ताव बनाकर भेजा चुका है। जल्द ही राजपत्र में प्रकाशन होगा। गोधाम योजना में देसी गायों को लेकर पूरी योजना तैयार की गई है। देसी गाय हिंदुओं में पूजनीय है साथ ही औषधि गुणों से परिपूर्ण है। जिसे देखते हुए ही यह योजना तैयार की गई है। प्रदेश भर में इसे लागू किया जाएगा।
– बिसेसर पटेल, अध्यक्ष गौ सेवा आयोग

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