दो बार सांसद रहे उदय सिंह बने जनसुराज के अध्यक्ष:टिकट नहीं मिलने पर कांग्रेस छोड़ी थी, PK बोले- कंधे का बोझ कम होगा

दो बार सांसद रहे उदय सिंह उर्फ पप्पू सिंह को जनसुराज का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। प्रशांत किशोर ने सोमवार शाम साढ़े चार बजे उनके नाम औपचारिक ऐलान किया। इस मौके पर PK ने कहा कि, ‘अब मेरे कंधे का बोझ कम करने का समय आ गया है। जनसुराज को बनाने में उदय जी का साथ रहा है। उम्र और अनुभव में भी बड़े हैं। कोर कमेटी ने मिलकर तय किया है कि उदय जी ही पार्टी के नेशनल अध्यक्ष होंगे।’ ‘पार्टी में मैं धीरे-धीरे छोटा होते जाऊंगा और पार्टी के लोग बड़े होते जाएंगे। मेरी भूमिका कुम्हार की रहेगी। कल से अपनी यात्रा शुरू कर रहा हूं। पार्टी की जिम्मेदारी अब उदय जी की है। RCP जी और बाकी साथियों की रहेगी।’ जो विकास के बीच आएगा, हम उससे टकराएंगे वहीं उदय सिंह ने कहा- ‘1977 में मेरी मां राजनीति में आई थी, उस वक्त मैं बहुत छोटा था। मैंने मां को देखा। राजनीति को जाना। मैंने जो चिंता प्रशांत जी में बिहार को लेकर देखी है, उसका वर्णन करना शब्दों में संभव नहीं है।’ ‘जो व्यक्ति अपनी पूरी जिंदगी ऐशोआराम में बिता सकता था। आज वो हमारे लिए यहां बैठा है।’ ‘ये प्रशांत जी की बनाई पार्टी नहीं है। ये उदय सिंह की बनाई पार्टी नहीं है। इस पार्टी को बिहार की जनता ने बनाया है।’ ‘हम बिहार में किसी से लड़ने नहीं आए। हमें किसी से नहीं लड़ता है। हम JDU, RJD, BJP किसी से नहीं लड़ेंगे। हम बिहार की जनता के विकास के लिए नए विचार लेकर आए हैं। इस विकास के बीच में जो भी मुश्किलें आएंगी चाहे वो JDU, RJD, BJP हो। हम उनसे टकराएंगे।’ कमान और कंट्रोल दोनों नीतीश जी के हाथ में नहीं प्रशांत किशोर ने कहा कि ‘हम किसी तैयारी से कुछ नहीं करते। कल मैं CM के गांव में किसी तैयारी से नहीं गया था। आज तक बिहार में ऐसा नहीं होता था कि किसी नेता को कहीं जाने से रोका जाए। नीतीश कुमार जी ने भी पहले कभी ऐसा नहीं किया।’ ‘कल जो हुआ ये घटना बताती है कि ये सरकार नीतीश जी चला ही नहीं रहे हैं। कमान और कंट्रोल दोनों नीतीश जी के हाथ में नहीं है। बिहार में कभी इस तरह की राजनीति नहीं हुई है। इससे नुकसान भी नीतीश कुमार को होगा।’ रविवार को जनसुराज में शामिल हुए JDU के पूर्व अध्यक्ष RCP सिंह ने कहा कि ‘यहां कोई सरकार नहीं चला रहा है। सरकार चल भी नहीं रही है। जब इस तरह की बंदिशें होंगी तो लोकतंत्र का क्या होगा। राहुल जी दरभंगा नहीं जा सकते। प्रशांत जी CM के गांव नहीं जा सकते।’ CM के गांव में भी लोग शराब पीते हैं RCP ने कहा कि ‘जब शराबबंदी हुई तो मैंने CM से पूछा था, आप किस के चेले हैं। लोहिया जी के। लोहिया जी कहते थे खान-पान पर पाबंदी संभव नहीं है। आज लोगों के बर्तन बिक गए हैं। लाखों लोग जेल में हैं। CM के जिले में लोग शराब पीते हैं। मेरे जिले में लोग शराब पीते हैं।’ दो बार पूर्णिया से सांसद बने उदय सिंह बिहार की राजनीति में एक चर्चित और प्रभावशाली नाम रहे हैं। वे 2 बार पूर्णिया से सांसद चुने जा चुके हैं। उन्होंने 2004 और 2009 में पूर्णिया लोकसभा सीट से जीत दर्ज की थी। 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की लहर के बावजूद उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। टिकट नहीं मिलने पर कांग्रेस से अलग हुए कांग्रेस में शामिल होने के बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें पूर्णिया से टिकट मिला। लेकिन वे फिर से हार गए। 2024 के आम चुनाव में भी उन्हें कांग्रेस से टिकट मिलने की उम्मीद थी। पार्टी ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया। इससे आहत होकर उन्होंने कांग्रेस से अलग होने का फैसला किया। उदय सिंह के आवास पर जनसुराज का ऑफिस कांग्रेस छोड़ने के बाद उदय सिंह ने किसी भी राजनीतिक दल की सदस्यता नहीं ली थी। प्रशांत किशोर ने बिहार में अपनी जनसंपर्क यात्रा शुरू की थी। इसके बाद उन्होंने पटना में उदय सिंह के आवास को अपना मुख्य ठिकाना बनाया था। उदय सिंह कांग्रेस पार्टी के नेता के रूप में पूर्णिया में सक्रिय थे। दोनों नेताओं की नजदीकी तभी से चर्चा में रही है। पिता IAS, मां 2 बार सांसद रहीं उदय सिंह एक राजनीतिक और नौकरशाह परिवार से आते हैं। उनके पिता टीपी सिंह इंडियन सिविल सर्विस (पहले IAS को ICS कहते थे) में ऑफिसर थे। मां माधुरी सिंह पूर्णिया से 2 बार सांसद थीं। उदय सिंह 2 भाई, 4 बहन हैं। उनके बड़े भाई एनके सिंह रिटायर्ड IAS हैं और जदयू से राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं। एनके सिंह अब भाजपा में हैं। उनकी बहन श्यामा सिंह बिहार के पूर्व सीएम सत्यनारायण सिन्हा की बहू हैं। श्यामा सिंह के पति निखिल कुमार रिटायर्ड IPS हैं और राज्यपाल भी रह चुके हैं। उनकी 2 और बहनें राधा सिंह और कृष्णा सिंह भी IAS अफसर रह चुकी हैं। 7 महीने पहले मनोज भारती को बनाया था कार्यकारी अध्यक्ष 3 अक्टूबर को प्रशांत किशोर ने जनसुराज पार्टी का ऐलान किया था। इस दौरान उन्होंने मनोज भारती को जनसुराज का पहला कार्यकारी अध्यक्ष बनाया था। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था- मेरा जनसुराज जॉइन करने का इरादा नहीं था। पत्नी के कहने पर वे प्रशांत किशोर से मिले थे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशांत किशोर ने कई बार कॉल किया। इसके बाद मैंने पार्टी जॉइन की है और प्रदेश अध्यक्ष के पद पर हूं। ‘एक वक्त ऐसा भी था, जब उनका राजनीति में आने का बिल्कुल भी मन नहीं था। हालांकि, वह आगे कहते हैं कि उनके मन में समाज के लिए कुछ करने का जज्बा जरूर था। यही उन्हें जनसुराज की तरफ खींच लाया। पूर्वी IPS आनंद मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दिया वहीं, सोमवार को ही पार्टी के स्थापना काल से जुड़े यूथ विंग के अध्यक्ष पूर्वी IPS आनंद मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। चर्चा तेज है कि आनंद मिश्रा जल्द जनसुराज से भी इस्तीफा देकर बीजेपी जॉइन कर सकते हैं। भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि, ‘हम हाथी के दिखाने वाले दांत नहीं बन सकते हैं। अगर हम पोस्ट पर रहेंगे तो काम करेंगे। पोस्ट पर नहीं हैं तो काम नहीं करेंगे। हम पोस्ट पर रहें और काम कोई करे, गलत हो जाए तो जिम्मेदारी मेरे सिर पर आ जाए, ये मैं स्वीकार करने वालों में से नहीं हूं। अगर जिम्मेदारी मेरी है तो अथॉरिटी भी मेरी होगी। ऐसे में पोस्ट पर बने रहने का कोई मायने नहीं है।’ ———— ये भी पढ़ें… PK को CM नीतीश के गांव में घुसने से रोका: प्रशांत किशोर बोले- विकास और भ्रष्टाचार की कलई खुल जाती, इसलिए जाने नहीं दिया जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को रविवार को नालंदा पहुंचे। यहां उनको सीएम नीतीश कुमार के पैतृक गांव कल्याण बिगहा में एंट्री करने से रोक दिया गया। इस दौरान प्रशांत किशोर की SDM के साथ बहस हो गई। बहस के दौरान पीके ने SDM से कहा, ‘नए अफसर बने हो शांती से रहो। रोकने का कारण लिखकर दो, नहीं तो तुम्हारी नौकरी चली जाएगी।’ पूरी खबर पढ़िए

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