भास्कर न्यूज | लातेहार केंद्रीय विद्यालय के अभिभावकों ने केंद्रीय विद्यालय को पुनः हार्ड स्टेशन विद्यालय घोषित करने की मांग को लेकर उपायुक्त को आवेदन सौंपा है। अभिभावकों ने कहा कि पूर्व में यह विद्यालय केन्द्रीय विद्यालय संगठन की हार्ड स्टेशन सूची में शामिल था। वर्ष 2023 में इसे सूची से हटाकर सामान्य विद्यालय की श्रेणी में रखा गया। इसके बाद विद्यालय में नियमित शिक्षकों की पदस्थापना बाध्यकारी नहीं रही। वर्तमान में विद्यालय में स्वीकृत 48 पदों के विरुद्ध केवल 19 नियमित शिक्षक कार्यरत हैं। शेष शिक्षण कार्य संविदा आधारित शिक्षकों से कराया जा रहा है। संविदा शिक्षकों की दक्षता नियमित शिक्षकों की तुलना में कम होने से शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ा है। लातेहार नक्सल प्रभावित पिछड़ा जिला है। यहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने वाले संस्थानों की भारी कमी है। अनुसूचित जनजाति सहित अन्य वर्गों के बच्चे दूर-दराज से यहां पढ़ने आते हैं। ऐसे में केन्द्रीय विद्यालय लातेहार शिक्षा का एकमात्र मजबूत विकल्प है। स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय हार्ड स्टेशन के सभी मानकों को पूरा करता है। इसके बावजूद इसे सूची से हटाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे अभिभावकों में निराशा है। सभी अभिभावकों और नागरिकों ने उपायुक्त सह केन्द्रीय विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उत्कर्ष गुप्ता से अनुरोध किया है कि विद्यालय को पुनः हार्ड स्टेशन घोषित किया जाए। ताकि स्वीकृत पदों के अनुसार नियमित दक्ष शिक्षकों की नियुक्ति हो सके और बच्चों को फिर से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। मौके पर विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य आशीष टैगोर, राजीव कुमार मिश्रा, जितेंद्र कुमार, जिला परिषद सदस्य विनोद उरांव आदि शामिल है।


