प्रदेश भाजपा प्रवक्ता राफिया नाज ने आरोप लगाया है कि 4,929 किसानों को उनके धान का अब तक एक भी रुपया नहीं मिला है। छह महीने बाद भी किसानों की उपज का पूरा भुगतान नहीं मिलना राज्य सरकार की अक्षमता और संवेदनहीनता का स्पष्ट प्रमाण है। राफिया ने सोमवार को जारी बयान में कहा है कि 36,497 किसानों ने 5.07 लाख क्विंटल धान की आपूर्ति की, लेकिन उनमें से 9,615 किसानों को आज भी उनका हक नहीं मिला है। इससे अधिक दुर्भाग्यपूर्ण और क्या हो सकता है कि 4,929 किसानों को अब तक एक भी रुपया नहीं मिला है। किसानों की जेबें खाली हैं, खेत खाली पड़े हैं, और सरकार मौन है। अगर यही हाल रहा तो आने वाले समय में झारखंड की कृषि व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि किसानों को भुगतान में हो रही देरी के लिए जिम्मेदार कौन है? किस ने इन निर्दोष किसानों को भटकने पर मजबूर किया?


