आधी-अधूरी जलापूर्ति… एक दिन बीच कर जलापूर्ति, वह भी कभी आधे घंटे,

पाइपलाइन से मोटर लगाकर पानी खींच लेने से भी कम हो जाता है प्रेशर शहर की लाइफ कहे जाने वाले रूक्का (गेतलसूद) डैम में पानी का पर्याप्त भंडार रहने के बावजूद शहर के पांच लाख से अधिक लोग पिछले सात दिनों से पानी को तरस रहे हैं। क्योंकि एक दिन बीच करके पानी दिया जा रहा है, वह भी मात्र आधे घंटे या 15 मिनट तक पानी आता है। दरअसल, रूक्का से बूटी जलागार में पानी आता है। फिर बूटी जलागार से विभिन्न जलमीनारों में राइजिंग लाइन के जरिए पानी भेजा जाता है। इसके बाद डिस्ट्रीब्यूशन लाइन के जरिए विभिन्न गली-महुल्ले में पानी पहुंचता है। मगर आम पब्लिक को आधे घंटे भी फुल प्रेशर से पानी नहीं मिलता है। कभी-कभी तो 10 से 15 मिनट में ही पानी बंद हो जाता है। इसके पीछे पेयजल अफसरों का लॉजिक है कि गर्मी में यह समस्या अक्सर होती है। क्योंकि अधिकांश लोग मोटर से पानी खींच लेते हैं। उन्हें तो पानी मिल जाता है। मगर जो लोग मोटर नहीं लगाए हैं, वे प्रभावित होते हैं। दरअसल पेयजल विभाग का पानी के वितरण का सिस्टम फेल है। विभाग के विभिन्न डिवीजन के अफसरों के बीच आपसी तालमेल का अभाव भी है। कभी बिजली के कारण तो कभी बूटी से संप और जलमीनारों तक पानी नहीं पहुंचता। बूटी से पानी भेजने और संप तक आपूर्ति होने के समय में बहुत अंतर है। इसका मुख्य कारण सही प्रेशर नहीं होना बताया जा रहा है। वहीं पाइपलाइन भी काफी पुराना है, जिससे वितरण में समस्या आ रही है। ट्रांसमिशन लाइन का काम चल रहा, इसलिए पूरी बिजली नहीं मिलने से आती है समस्या इन जलमीनारों से पिछले एक हफ्ते से आधी-अधूरी जलापूर्ति रातू रोड जलमीनार : रातू रोड, इंद्रपुरी आर्यपुरी, मेट्रो गली, कुमार टोली, गाड़ी खाना चौक, किशोरगंज, आनंद नगर व आसपास के क्षेत्र में पिछले सात दिनों से जलापूर्ति बहुत कम हुई या नहीं हुई। पिस्का मोड़ जलमीनार : पिस्का मोड़, बैंक कॉलोनी, लक्ष्मी नगर, मधु कम व आसपास के क्षेत्र प्रभावित रहे। मोरहाबादी जलमीनार: मोराबादी, एदलहातू, चिरौंदी वह आसपास के क्षेत्रों में नहीं पहुंचा पानी। पहाड़ी मंदिर पानी टंकी : पहाड़ी मंदिर एरिया, जयप्रकाश नगर, कैलाश नगर, महुआ टोली, खादगढ़ा सब्जी बाजार एरिया और आसपास के क्षेत्र पुराना जेल परिसर जलमीनार : करमटोली, लालपुर, कचहरी रोड, रेडियम रोड, वर्धमान कंपाउंड, थड़पखना और आसपास के क्षेत्र में पानी बहुत कम आया। महिलाओं की पीड़ा… कुम्हारटोली निवासी मंजू देवी बताती हैं कि हमलोग वाटर सप्लाई का ही पानी पीते हैं। दो दिन से पानी नहीं आने से खरीद पिस्का मोड़ निवासी आरती कुजूर ने बताया कि समय पर पानी नहीं मिलने से किचन और बाथरूम का सारा कम फंस जाता मधुकम निवासी वीणा कच्छप ने बताया कि पानी नहीं आने से टैंकर या सरकारी बोरिंग से पानी ढोकर लाना पड़ता है। रातू रोड निवासी आरती देवी ने बताया कि पानी के बिना पूरी दिनचर्या ही खराब हो जा रही है। पानी की आस में सारा काम फंस
इन 4 प्रमुख कारणों से बढ़ रही पेयजल की समस्या 1. पेयजल विभाग का अपना वितरण सिस्टम फेल होना। जैसे मेकेनिकल विंग में लीकेज, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट व सिस्टम काफी पुराना होना। 2. विभाग के विभिन्न डिवीजन के अफसरों के बीच आपसी तालमेल का आभाव। 3. ऑपरेशन-मेंटेनेंस का काम आउटसोर्स एजेंसी पाठक इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन को देना, जो अपनी जवाबदेही ठीक से निभा पाने में विफल रहा है। 4. पर्याप्त वोल्टेज के साथ बिजली नहीं मिलना, अनचाही पावर ट्रिपिंग भी बड़ा कारण।

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