मेडिकल हॉस्पिटल के 70 सीसी कैमरे बंद संवेदनशील वार्डों की नहीं हो रही निगरानी

भास्कर न्यूज | राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की सुरक्षा कमजोर पड़ गई है। यहां लगे 70 सीसी कैमरे बंद हैं। इससे संवेदनशील वार्डों की निगरानी नहीं हो पा रही है। वहीं हॉस्पिटल के कर्मचारियों की हरकतों पर भी नजर नहीं जा रही। इससे कई बार मरीज व उनके परिजनों को परेशान होना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में कुल 125 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसमें से 55 कैमरे ही काम कर रहें। जबकि 70 कैमरे बंद पड़ गए हैं। गंभीर बात यह है कि बंद कैमरे हॉस्पिटल के संवेदनशील हिस्सों के हैं। जहां सतत निगरानी और हरकतों पर नजर जरुरी है। लेकिन कैमरों के बंद होने की वजह से यहां सुरक्षा व्यवस्था ठप हो गई है। प्रबंधन का दावा है कि इन हिस्सों में गार्ड्स तैनात किए गए हैं। लेकिन पूर्व में कई बार खुद सुरक्षा एजेंसी के गार्ड्स की हरकतों पर ही सवाल खड़े हो चुके हैं। गार्ड्स की मनमानी और हरकतों की शिकायतें भी प्रबंधन से हो चुकी है। हॉस्पिटल में कैमरे लगाए जाने की मूल वजह संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और कर्मचारियों के मरीजों के प्रति व्यवहार की निगरानी है। लेकिन कैमरे बंद होने से यह व्यवस्था आधे हॉस्पिटल में ठप पड़ गई है। केस 2. सुरक्षा कर्मियों ने 6 चोर को पकड़ा, थी आवाजाही: हास्पिटल में मरीज के परिजनों के सामान चोरी होने की शिकायतें सामने आ रही थी। हास्पिटल के स्टाफ के मोबाइल फोन चोरी होने की भी घटना हुई। कुछ समय पहले सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारियों ने 6 चोरों को अलग-अलग दिन पकड़ा। इनकी लगातार आवाजाही बनी हुई थी। कैमरा बंद होने से ऐसी गतिविधियों की निगरानी नहीं हो रही। केस 1. वॉशरूम में लगा था कैमरा, कर्मचारी बर्खास्त: मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग स्टाफ के वॉशरूम में कैमरा लगाने का मामला सामने आ चुका है। मोबाइल कैमरे से रिकार्डिंग का आरोप सुरक्षा एजेंसी के एक कर्मचारी पर ही लगा। जिसे काम से बाहर कर दिया गया। तब जमकर बवाल भी मचा। इसके बाद पुलिस ने सख्ती से सभी सीसीटीवी कैमरे चालू रखने की हिदायत दी थी। लेकिन हालात नहीं सुधरे। केस 3. मरीज के परिजन से दुर्रव्यहार, बाहरी भी दाखिल हुए: कुछ समय पहले ही मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए पहुंचे मरीज के परिजनों से दुर्व्यवहार का मामला सामने आया। आरोप था कि कुछ बाहर के लोग उन्हें प्राइवेट हास्पिटल में इलाज के लिए ले जाने का दबाव बना रहे थे। मामले में कुछ हास्पिटल के कर्मचारी भी संलिप्त थे। ऐसी हरकत आए दिन हो रही, लेकिन कैमरा बंद होने की वजह से हरकत कैद नहीं हो पा रही। अस्पताल प्रबंधन ने पूर्व में हुई घटनाओं के बाद सुरक्षा बढ़ाने का दावा किया है। 100 गार्ड को सुरक्षा में तैनात करने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा मेन गेट पर 5 गार्ड्स को लगाया है। जबकि 25 सुरक्षा गार्ड्स को वॉकी-टॉकी सिस्टम दिए जाने की जानकारी दी गई है। ताकि गार्ड एक दूसरे के संपर्क में रहें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना साझा की जा सके। लेकिन खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों के सुधार को लेकर ठोस पहल नहीं हो सकी है। जिससे संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी नहीं हो सकी। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अतुल देशकर ने बताया अस्पताल, कॉलेज कैंपस, गर्ल्स हॉस्टल में 3 शिफ्ट में तैनात सुरक्षा गार्ड से हर मिनट अपडेट मिल रहा है। लंबे समय से बंद पड़े कैमरों को सुधार करने के लिए कंपनी को पत्र लिखा गया है। कैमरा और कंट्रोल रूम को दुरुस्त करने कैमरा लगाने वाले कंपनी से मांग की गई है। इसके अलावा हर आने जाने वाले की निगरानी सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारी कर रहे हैं।

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