शराब घोटाले में एसीबी की बड़ी कार्रवाई:आईएएस विनय चौबे और संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह गिरफ्तार

विनय चौबे अभी पंचायती राज के प्रधान सचिव हैं झारखंड में हुए शराब घोटाले की जांच कर रहे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। एसीबी ने उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के पूर्व सचिव आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे और उत्पाद विभाग के संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। चौबे अभी पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव हैं। इन दोनों पर धोखाधड़ी कर झारखंड सरकार को 38 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। गिरफ्तारी से पहले एसीबी ने दोनों से करीब साढ़े छह घंटे तक पूछताछ की। फिर शाम 4:40 बजे दोनों को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें एसीबी के विशेष कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में होटवार जेल भेज दिया गया। कोर्ट ने कहा कि अब तीन जून को अगली पेशी जेल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी। एसीबी ने कोर्ट को बताया कि जिस समय घोटाला हुआ, उस समय विनय चौबे झारखंड राज्य विबरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक भी थे। इन दोनों ने अपने पद का दुरुपयोग कर प्लेसमेंट एजेंसियों के चयन की प्रक्रिया और प्रावधान का अनुपालन न कर साजिश रची। दोनों ने मिलीभगत कर सरकार के साथ जालसाजी और धोखाधड़ी की। एसीबी ने जांच में पाया कि एक साजिश के तहत जालसाजी कर इन दोनों ने राज्य सरकार को 38 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया। जानिए… सुबह घर से उठाने से जेल जाने तक की पूरी कहानी सुबह 8:30 बजे: चौबे को घर से उठाकर लाई एसीबी की टीम एसीबी की टीम सुबह 8:30 बजे विनय चौबे के आवास पर पहुंची और उन्हें एसीबी कार्यालय लाई। यहां उनसे पूछताछ शुरू की गई। एसीबी ने उत्पाद विभाग के संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह को भी पूछताछ के लिए एसीबी कार्यालय बुलाया ​था। पूछताछ के बाद दोपहर करीब दो बजे दोनों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू हुई। मेडिकल टीम को बुलाकर दोनों की स्वास्थ्य जांच की गई। फिर शाम 4:40 बजे दोनों को विधिवत रूप से गिरफ्तार कर लिया। सुबह 10:30 बजे: एसीबी के डीजी अनुराग गुप्ता भी पहुंचे विनय चौबे को एसीबी मुख्यालय लाने के बाद एसीबी के डीजी अनुराग गुप्ता भी उनसे पूछताछ के लिए मुख्यालय पहुंचे। हालांकि वे करीब 10 मिनट ही वहां रुके। फिर केस के जांच अधिकारी ने विनय चौबे से पूछताछ शुरू की। दोपहर बाद करीब तीन बजे उनके घर से खाना आया। खाना खाने के बाद गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू हुई। एसीबी मुख्यालय में पुलिस फोर्स बढ़ा दी गई। शाम 6:45 बजे: कोर्ट से लेकर जेल के लिए निकल गई टीम विनय चौबे की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही मीडियाकर्मी एसीबी मुख्यालय पहुंच गए। उन्हें देखकर एसीबी की टीम चुपके से उन्हें पीछे वाले गेट से लेकर निकल गई। हालांकि मीडिया कर्मी भी पीछे-पीछे कोर्ट तक पहुंच गए। उन्हें 4:45 बजे उन्हें सिविल कोर्ट में जज के सामने पेश किया गया। यहां से शाम 6:45 बजे उन्हें लेकर टीम जेल के लिए रवाना हुई। वकील बोले- चौबे गंभीर ​बीमारी से ग्रस्त, घर का खाना चाहिए कोर्ट में विनय चौबे के वकील अनिल कुमार सिंह ने कहा कि वे गंभीर बीमारी से ग्रस्त है। इसलिए उन्हें घर के खाने की सुविधा दी जाए। इस पर कोर्ट ने कहा कि जेल मैनुअल का पालन किया जाएगा। वकील ने कहा कि उन्हें किस आधार पर गिरफ्तार किया गया, वह बताया जाए। इस पर लोक अभियोजक आलोक कुमार ने कहा कि आपको सब पता है। सीबीआई जांच से बचने के लिए कार्रवाई : बाबूलाल नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले की सीबीआई जांच चल रही है। झारखंड में भी जांच सीबीआई के पास न चली जाए, इसीलिए एसीबी की यह कार्रवाई हुई है। बड़ी मछलियों को बचाने के लिए कुछ लोगों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। अगर सीएम सच में घोटाले का सच उजागर करना चाहते हैं तो सीबीआई जांच का आदेश दें। हमने 19 अप्रैल 2022 को ही पत्र लिखकर सरकार को शराब घोटाले के बारे में बता दिया था। मंत्रिमंडल सचिवालय की अनुमति के बाद कार्रवाई जांच में एसीबी को सबूत मिला कि नियमों को ताक पर रखकर प्लेसमेंट एजेंसियों का चयन किया गया और उन्हें लाभ पहुंचाया गया। सबूत मिलने के बाद एसीबी ने मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग से अनुमति लेकर मंगलवार को एसीबी थाने में कांड संख्या 09/2025 के तहत एफआईआर दर्ज की। इसमें विनय कुमार चौबे और गजेंद्र सिंह को आरोपी बनाया गया। फिर पूछताछ शुरू हुई और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

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