विभागीय आदेश के बाद असमंजस:74,500 खराब चापानलों के मरम्मत कार्य पर लग सकता है ग्रहण, मंत्री ने खराब पड़े चापानलों की मरम्मत का दिया था निर्देश

राज्य में खराब पड़े खराब पड़े 74,500 चापानलों की मरम्मत एवं पेयजल योजना के जीर्णोद्धार का काम प्रभावित हो सकता है। जिलों में विभिन्न कारणों से पेयजल के स्रोत बंद पड़े रहने से उत्पन्न जल संकट को दूर करने के लिए योजना विभाग के अनटाइड फंड (अनाबद्ध निधि) से राशि खर्च के लिए 259 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई थी। योजना एवं विकास विभाग की 02 मई को समीक्षा बैठक हुई थी। इसके बाद योजना एवं वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पेयजल के बंद पड़े स्रोतों को चालू करने एवं जीर्णोद्धार के लिए अनटाइड फंड से राशि खर्च करने का निर्देश जारी करने की हिदायत विभागीय सचिव को दी थी। इसके बाद योजना विभाग की ओर से 19 मई को सभी डीसी को पत्र जारी किया गया। इसमें योजना समिति व जिला योजना कार्यकारिणी समिति से पारित नई योजना एवं जीर्णोद्धार योजना पर ही राशि खर्च करने का आदेश दिया गया है। अनटाइड फंड की गाइडलाइन में मरम्मत पर खर्च की अनुमति ही नहीं विभाग ने पत्र में कहा है कि योजनाओं का क्रियान्वयन पूर्व निर्गत विभागीय परिपत्रों के आलोक में ही करें। उल्लेखनीय है कि अनटाइड फंड से होने वाले खर्च के गाइडलाइन में मरम्मत पर खर्च करने की अनुमति नहीं है। विभाग ने समीक्षा बैठक के निर्णय और मंत्री के निर्देश के अनुसार, अनटाइड फंड से खराब पड़े चापानलों की मरम्मत एवं पेयजल योजना के जीर्णोद्धार के लिए छूट नहीं दी है। इससे असमंजस की स्थिति बनी हुई बताई जा रही है। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में अनाबद्ध राशि से होना था चापाकल मरम्मत कार्य बैठक में यह भी निर्णय लिया गया था कि जिलों को आवंटित अनाबद्ध की राशि से कम से कम 15% राशि का व्यय पेयजल आपूर्ति से संबंधित योजनाओं पर किया जा सकेगा। साथ ही जिलों को कुल आवंटित राशि का 15% राशि का व्यय शहरी क्षेत्रों में किया जाएगा, ताकि पेयजल संकट को दूर किया जा सके। मालूम हो कि जल जीवन मिशन के तहत वित्त वर्ष 2024-25 के लिए केद्रांश की राशि अभी तक झारखंड सरकार को प्राप्त नहीं हुई है। मंत्री ने कहा था- जलसंकट की स्थ्रिति को देखते हुए राशि का उपयोग करें पिछले दिनों जिला योजना अनाबद्ध निधि की राशि से पूर्व की स्वीकृत योजनाओं में दायित्वों का भुगतान करने तथा शेष बची राशि से जिलों के महत्वपूर्ण अंतराल की योजनाओं पर व्यय करने का निर्देश दिया गया था। मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 10 मई को एक बयान में कहा था कि राज्य में व्याप्त पेयजल संकट को देखते हुए अनाबद्ध की राशि से खराब पड़े चापानलों कीयुद्ध स्तर पर मरम्मत कराने का विभागीय बैठक में निर्देश दिया गया था।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *