भास्कर न्यूज | कवर्धा कबीरधाम जिले के चावल व गुड़ को विदेशों में बेचकर व्यापार करने में यहां के व्यापारी रुचि ले रहे हैं। निजी गुड़ फैक्ट्री मालिक व अन्य बड़े व्यापारी विदेश में अपने सामान को एक्सपोर्ट करना चाहते हैं। दरअसल, जिले में पहली बार आईआईएफटी (भारतीय विदेश व्यापार संस्थान कोलकाता) का बूट स्ट्रैप कार्यशाला का आयोजन हुआ। आईआईएफटी की टीम ने जिले के बड़े व्यापारियों को हस्तशिल्प, वस्त्र, अन्य विनिर्माण, कृषि उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण आदि क्षेत्रों में रुचि रखने वाले तकनीकी साक्षर संभावित उद्यम को निर्यात के विभिन्न पहलु से अवगत कराया। आईआईएफटी कोलकाता के विशेषज्ञ की टीम में शामिल डॉ.जयंत कुमार शील ने उत्पादों, एक्सपोर्ट संभावना, प्रक्रिया, विदेशी बाजारों की पहचान, एक्सपोर्ट दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया और उनके नियम बताए । उन्होंने एक्सपोर्ट से जुड़ी समस्या व विभिन्न मुद्दों का समाधान पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतीकरण किया। इसमें शामिल बड़े व्यापारियों ने अपने चावल व गुड़ को विदेश में एक्सपोर्ट करने में रुचि दिखाई है। ऐसे में जिन लोगों ने रुचि दिखाई है, उन्हें आने वाले समय में 5 दिन का अलग से आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। अभी सभी जिले में कोलकाता के विशेषज्ञ की टीम बूट स्ट्रैप का आयोजन कर रही है। इसमें डॉ.जयंत कुमार शील के साथ डॉ.रघुवीर नेगी भी शामिल हैं। कार्यशाला के दौरान व्यापारियों की रुचि को देखते उन्हें गुड़ व चावल के विदेश में एक्सपोर्ट की सभी प्रकार की जानकारी दी गई। क्योंकि, विदेशों में गुड़ व चावल अच्छी खासी डिमांड है। पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा गन्ने की खेती कबीरधाम जिले में होती है। यहां हर साल करीब 35 हजार हेक्टेयर में गन्ने की फसल लगाई जाती है। यही कारण है कि जिले के दो सहकारी शक्कर कारखाना व 250 निजी गुड़ फैक्ट्री संचालित है। वर्तमान में निजी गुड़ फैक्ट्री में बनने वाले शीरा को देश के विभिन्न राज्यों में सप्लाई की जाती है। जिले में धान का उत्पादन भी अच्छा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने देश के दो बड़े संस्था के साथ एमओयू किया है। इसमें आईआईएफटी के निर्यात सुविधा केंद्र व भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान अहमदाबाद के प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना शामिल है। भारतीय विदेश व्यापार संस्थान के सुविधा केंद्र के छत्तीसगढ़ में स्थापित होने से छत्तीसगढ़ से निर्यात करने वाले व्यवसायियों को मार्गदर्शन मिल सकेगा। राज्य से एक्सपोर्ट गतिविधियां बढ़ेंगी। एक्सपोर्ट की जाने वाली वस्तुओं, उत्पादों के सर्टिफिकेशन, बाजार की जानकारी और किस कीमत पर एक्सपोर्ट किया जाना है, मार्गदर्शन दिया जा रहा है। छग से होने वाले एक्सपोर्ट को दोगुना किया जाएगा। ट्रेडर्स सीधे छत्तीसगढ़ से ही वस्तुओं और उत्पादों का एक्सपोर्ट कर सकेंगे।


