प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने मंगलवार को प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने 2014 में सरना धर्म कोड को खारिज कर दिया था। कांग्रेस बताए कि उसने ऐसा क्यों किया था? सरना धर्म कोड को खारिज करने के लिए कांग्रेस-झामुमो राज्य के आदिवासी समाज से माफी मांगे। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो की संयुक्त यूपीए सरकार में तत्कालीन आदिवासी कल्याण मंत्री किशोर चंद्रदेव ने 11 फरवरी, 2014 को सरना धर्म कोड को अव्यवहारिक बताते हुए खारिज कर दिया था। कहा था कि ऐसी मांग को मानने से दूसरे धर्म से भी सैकड़ों मांगें आ सकती हैं। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो, सरना धर्म कोड के मुद्दे पर पूरे तरीके से एक्सपोज हो गई। जनता इनकी सारी चालबाजियों को समझती है।


