मंडी में सीटू कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन:श्रम कानूनों में बदलाव का विरोध, बोले- मजदूर सामाजिक सुरक्षा से वंचित होंगे

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला मुख्यालय के बाहर सीटू कार्यकर्ताओं और नेताओं ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। संगठन ने 20 मई की अखिल भारतीय हड़ताल को स्थगित कर दिया है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार केंद्र सरकार ने आजादी के बाद से बने 44 श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में बदल दिया है। नए श्रम कोड के लागू होने से 74% मजदूर सामाजिक सुरक्षा से वंचित हो जाएंगे। इसके साथ ही 70% उद्योग श्रम कानून के दायरे से बाहर हो जाएंगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि, केंद्र सरकार ने फिक्स टर्म रोजगार की अधिसूचना जारी कर दी है। इससे मजदूरों को नियमित रोजगार नहीं मिल पाएगा। मजदूरों के काम के घंटे 8 से बढ़ाकर 12 करने की अधिसूचना भी जारी हो चुकी है। नए नियमों में हड़ताल करने पर मजदूरों को कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि, नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने सप्ताह में 80 घंटे काम का सुझाव दिया है। इंफोसिस के नारायण मूर्ति ने 12 घंटे कार्य व्यवस्था का समर्थन किया है। लार्सन एंड टुब्रो के सुब्रमण्यम ने सप्ताह में 90 घंटे और प्रतिदिन 15 घंटे काम का प्रस्ताव रखा है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *