स्कूल शिक्षा विभाग के अफसरों का कारनामा:बिना सामान लिए ही किया 7 करोड़ का भुगतान, ऑफिस से फाइल गायब; 9 साल बाद भी कार्रवाई नहीं

लोक शिक्षण संचालनालय के उप संचालक आशुतोष चावरे पर और विभाग के अन्य अधिकारियों पर साल 2016 में 7 करोड़ से अधिक का घोटाला के मामले में FIR दर्ज हुई थी। लेकिन 9 साल बीत जाने के बाद भी किसी अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। EOW इस मामले में अब तक चार्जशीट पुट नहीं कर पाई है। ये है पूरा मामला दरअसल, साल 2016 में राजीव गांधी शिक्षा मिशन से टीवी और कंप्यूटर सामानों की सप्लाई किए बिना 7 करोड़ 24 लाख का भुगतान फर्म को कर दिया गया था। इस मामले में चावरे के अलावा पी रमेश सहायक संचालक(रि.) और बजरंग प्रजापति, एपीसी के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऑफिस से फाइल ही गायब हो गई वहीं जब पूरे मामले की जांच EOW ने शुरू की, तो इस बीच खरीदी के तैयार की गई मूल नस्ती ही गायब कर दी गई। ये फाइलें 8 साल से गायब है। वहीं फाइल गायब करने से पहले इनकी फोटो कॉपी करवा ली गई थी। इसके अलावा जिन अफसरों के नाम घोटाले में शामिल थे, उनके खिलाफ थानों में FIR होनी थी। लेकिन ये कार्रवाई भी अब तक नहीं हो पाई है। कांग्रेस नेता की जल्द कार्रवाई की मांग अब इस मामले में जल्द गिरफ्तारी की मांग कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने की है। इस संबंध में उन्होंने आईजी अमरेश मिश्रा को पत्र लिखा है। तिवारी ने बताया कि साल दिसंबर 2025 में चावरे की रिटायर हो जाएंगे। ऐसे में उन पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। तिवारी का ये भी आरोप है कि चावरे अपने पद का फायदा उठाकर जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ मिलकर गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को संरक्षण देने की एवज में 500 करोड़ रुपए से ज्यादा की अवैध उगाही कर रहे हैं। चावरे ने नहीं दिया जवाब चावरे से हमने उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया। लेकिन बाद में बात करने की कहकर उन्होंने कॉल कट कर दिया। इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

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