पंजाब में पशु मंडियों की बोली को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मानसा में किसान नेता रुलदू सिंह ने आरोप लगाया है कि सरकार चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने अधिकारी और नेताओं पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। किसान नेता ने आगे कहा कि चंडीगढ़ में आयोजित पशु मंडी की बोली में कई ठेकेदारों की फाइलें जमा ही नहीं करवाई गईं। पिछले साल यह बोली 93 करोड़ रुपए से अधिक थी। इस बार इसे 72 करोड़ रुपए पर रोक दिया गया है। इस साल बोली एक अरब रुपए से अधिक होनी चाहिए थी। चहेतों को ठेका देने की कोशिश किसान नेता का कहना है कि सरकारी अधिकारी और नेता मिलकर अपने चहेतों को ठेका देने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए अन्य ठेकेदारों की फाइलें स्वीकार नहीं की गईं। हालांकि अधिकारियों ने बोली को स्थगित कर दिया है। धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी रुलदु सिंह ने चेतावनी दी है कि अगर बोली खुले तौर पर नहीं करवाई गई और सभी ठेकेदारों को मौका नहीं दिया गया, तो पंजाब किसान यूनियन धरना-प्रदर्शन करेगी। उन्होंने मांग की है कि बोली पहले की तरह पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए और नई शर्तें वापस ली जानी चाहिए।


