निवासियों ने कहा- अब तक किसी भी दुकानदार पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई

भास्कर न्यूज | लुधियाना ताजपुर रोड स्थित फिश मार्केट में बुधवार सुबह करीब 11 बजे फिशरीज विभाग की अचानक छापेमारी से हड़कंप मच गया। कार्रवाई की अगुवाई डायरेक्टर जतिंदर सिंह ग्रेवाल और अधिकारी ममता ने की। विभाग ने केंद्र सरकार द्वारा बैन की गई मांगूर मछली की खुलेआम बिक्री को लेकर कार्रवाई करते हुए 42 दुकानदारों को नोटिस जारी किए। कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर भाग निकले, जबकि जिनसे संपर्क नहीं हो पाया, उनकी दुकानों के बाहर नोटिस चस्पा कर दिए गए। विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में मांगूर मछली बेचते पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मौके पर मौजूद टीम ने बताया कि मांगूर मछली स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, जिस कारण इस पर केंद्र सरकार ने प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसके बावजूद ताजपुर रोड स्थित फिश मार्केट में यह मछली धड़ल्ले से बेची जा रही थी। जैसे ही विभागीय टीम मार्केट में पहुंची, अफरा-तफरी मच गई। कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर मौके से फरार हो गए। फिश मार्केट प्रधान गुरप्रीत सिंह डिम्पी ने बताया कि विभाग की टीम केवल नोटिस देने आई थी, न कोई जब्ती हुई, न ही सीलिंग की कार्रवाई। उन्होंने कहा कि इस मार्केट में लगभग 40 होलसेल और 42 के करीब रिटेलर दुकानें हैं, जिन्हें नोटिस मिले हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहला मौका नहीं है जब इस तरह की कार्रवाई हुई हो, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। हर बार सिर्फ नोटिस देकर कार्रवाई खत्म कर दी जाती है। लोगों ने कहा कि सवाल यह भी उठ रहा है कि जब बैन की गई मछली खुलेआम बिक रही है, तो जिम्मेदार अधिकारी बार-बार खाली हाथ क्यों लौटते हैं? स्थानीय लोगों और उपभोक्ताओं ने प्रशासन की इस कार्रवाई को केवल दिखावा बताते हुए सवाल उठाए हैं कि जब यह मछली खुलेआम बिक रही है, तो फिर हर बार छापेमारी की कार्रवाई खानापूर्ति तक क्यों सीमित रह जाती है। लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब मांगूर मछली की बिक्री को लेकर छापेमारी हुई हो, लेकिन अब तक किसी भी दुकानदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई। उल्लेखनीय है कि मांगूर मछली पर बैन इसलिए लगाया गया है क्योंकि इसे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना गया है। इसके बावजूद प्रशासन, फिश मार्केट प्रबंधन और संबंधित विभाग इसे रोकने में अब तक पूरी तरह विफल नजर आ रहे हैं। राजनीतिक दलों और अधिकारी इसे रोकने में नाकाम रहे। इससे भी लोगों में रोष है। वहीं, लोगों कहना है कि यह छापा एक दिखावा नहीं है तो आगे से मार्केट में मांगूर मछली बिकना बंद हो जाएगी, लेकिन यह दिखावा है तो जल्द ही फिर से दुकानदार अपना व्यापार चालू कर देंगे। फिर यह छापेमारी की कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाएगी।

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