भास्कर न्यूज|बूंदी शिक्षक संघ एलिमेंट्री सैकंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा) के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में कार्यरत लाखों शिक्षकों की मांगों के जल्द निस्तारण की मांग की है। प्रदेशाध्यक्ष मोहरसिंह सलावद के नेतृत्व में प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर के अतिरिक्त निदेशक (शैक्षिक) राजकुमार शर्मा को ज्ञापन देकर अतिरिक्त निदेशक को सत्र 2012-13 की वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता पात्रता सूची पूर्व में जिस नियम से बनाई, उसी नियम से बनाई जाने की मांग की। ज्ञापन में कहा कि चार सत्रों की बकाया अध्यापक से वरिष्ठ अध्यापक की पदोन्नति जल्द शुरू करवाई जाए। वहीं, वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता की बकाया दो सत्रों की पदोन्नति प्रक्रिया जल्द शुरू करवानी चाहिए। पिछले चार माह से महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के लिए 25 अगस्त को आयोजित परीक्षा का इंतजार कर रहे शिक्षकों का जल्द रिजल्ट निकालना चाहिए। वहीं, इनके पदस्थापन आदेश जारी किए जाएं। प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक को बताया कि सभी समग्र शिक्षा के जिला व ब्लॉक कार्यालयों के 1382 पदों के लिए हुए इंटरव्यू का परिणाम लंबा समय होने के बाद भी जारी नहीं हुआ है। इसलिए परिणाम जल्द जारी करवाया जाए। वहीं, उप प्राचार्य के 50 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती करने, कंप्यूटर अनुदेशकों का पदनाम कंप्यूटर शिक्षक करने व कैडर की दोबारा समीक्षा करवाकर कैडर संशोधन व विस्तार की कार्रवाई की जाएं। शिक्षा विभाग में 5 सितंबर को ब्लॉक, जिला व राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मान के लिए आवेदन करने वाले व पुरस्कृ़त होने वाले सभी शिक्षकों के शाला दर्पण पर ऑनलाइन नंबर जारी किए जाएं। ताकि सम्मान समारोह की पारदर्शिता बनी रही। तृतीयश्रेणी शिक्षकों के तबादला प्रक्रिया शुरू हो ज्ञापन में कहा कि राज्य के अन्य शिक्षकों को जानकारी मिल सके कि किस शिक्षक किस नवाचार के लिए सम्मानित किया गया है। जिसका उपयोग वो भी अपनी अपनी स्कूलों में कर सके। राज्य में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले किए जाएं। क्योंकि सालों से तबादले नहीं हो पाए हैं। प्रबोधक कैडर की 2017 से पदोन्नति बकाया चल रही है जो जल्द शुरू करवाई जाएं। अतिरिक्त निदेशक (शैक्षिक) शर्मा ने मांगों को सुना और कहा कि राज्य सरकार व विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद, प्रदेश कोषाध्यक्ष श्यामसुन्दर बिश्नोई, सीताराम डूडी, संजीवकुमार यादव, पवन शर्मा, गोपाल शर्मा, भंवरलाल आचार्य, रामप्रताप स्वामी मौजूद रहे।


