भांकरोटा अग्निकांड:दमकलकर्मियों ने बनाई रणनीति; पहले पेट्रोल पंप के वाहन, LPG टैंकर, फिर बाड़े की आग बुझाई

भांकरोटा अग्निकांड की लपटें भले की अब धीरे-धीरे ठंडी पड़ गई हों, मगर आग पर काबू पाने को दमकलकर्मियों ने जो रणनीति बनाई, वह महत्वपूर्ण रही। रणनीति के तहत सबसे पहले पेट्रोल पंप पर जिन वाहनों में आग लगी थी, उसे बुझाई। वहां खड़े एक अन्य एलपीजी टैंकर, जिसके टायर और ड्राइवर केबिन जल रहा था, उसकी आग बुझाने और टैंकर के बढ़ते ताप को कम करने का काम सबसे पहले किया, ताकि ताप बढ़ने से वह भी फट नहीं जाए। नहीं तो आग 2-3 किमी तक फैलने से पूरा भांकरोटा गांव आग की जद में आ सकता था। इसी तरह पेट्रोल पंप के पास ही 200 पुरानी गाड़ियों के बाड़े को भी बचाया, नहीं तो स्थिति और खराब हो सकती थी। मानसरोवर फायर स्टेशन के फायर ऑफिसर देवांग यादव ने बताया कि घटनास्थल के सामने केएमटी ट्रांसलोजेस्टिक्स के मैनेजर राजेंद्र सिंह का कॉल आया कि एक्सीडेंट से गाड़ियों में आग लग गई। मैंने तुरंत मानसरोवर फायर स्टेशन फोन करके अग्निशमन वाहन रवाना कराया। कॉल कटते ही तुरंत मैनेजर सिंह का फिर कॉल आया। 10-15 गाड़ियों में आग लगी है। मैं तुरंत अपने टोंक रोड, गोपालपुरा मोड़ से घटनास्थल के लिए रवाना हुआ। रास्ते से ही सीएफओ गौत्तम लाल को कॉल किया। ग्रेटर नगर निगम के सात अन्य फायर स्टेशन पर भी कॉल करके दो-दो-तीन-तीन अग्निशमन वाहन भेजने को कहा। फोन कर पूछा- ठीक तो हो फायरमैन महेश मीणा, दीपक सैन और वाहन चालक मानसिंह गुर्जर जब ड्यूटी खत्म कर घर नहीं पहुंचे तो घरवालों को चिंता हुई। किसी की प|ी, किसी के पापा और अन्य परिजनों ने फोन किया। इन्होंने कहा न्यूज देख लो। घरवालों ने कई बार इनको कॉल करके इनको पूछा कि ये ठीक तो हैं। महिला फायरमैन कैलाशी मीणा भी कहती हैं कि बेटे की चिंता हुई, लेकिन अपनी जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी। जलते वाहनों में दिख शव फायरमैन दीपक सैन बताते हैं कि जलते वाहनों में कोई नहीं दिखा। हालांकि अंदर जाने से पहले लगा कि मैं फंस भी सकता हूं, लेकिन मैंने ड्यूटी को प्राथमिकता दी। जब मैं एक जलते वाहन के अंदर ढूंढने गया तो वहां एक सिर मिला, शव का धड़ पूरी तरह से जल चुका था। इसी तरह फायरमैन मोहित भैरवाल को भी एक शव वाहन के अंदर मिला। स्थिति देख सुध भूले फायरमैन राजसिंह ने बताया कि आग की भयावह स्थिति देखी तो हम अपनी सुध भूल गए। ट्रक, बस, कार व अन्य वाहनों में भीषण आग लगी थी। पास ही स्थित आशीर्वाद पाइप्स के गोदाम, थड़ियों, स्पिनी कार गोदाम और पेड़-पौधों में भी आग लग रही थी। हमने इसकी परवाह नहीं की कि आग से खुद को बचाने के लिए हमारे पास पर्याप्त साधन भी नहीं हैं। फायरमैन विक्की कुमार चौधरी ने बताया कि सुबह करीब 5:46 बजे फायर ऑफिसर देवांग यादव का फोन आया कि भांकरोटा में आग लगी है। तुरंत पहुंचो। हम पांच जने एक वाहन लेकर रवाना हो गए। जैसे ही 5:55 बजे वहां पहुंचे तो करीब 700 मीटर तक आग, धुआं और टायरों के जलने की बदबू फैली थी। जज्बे के साथ डटे रहे अग्निशमन वाहनों के ठेकाकर्मी, जब लोग भाग रहे थे, तब ये अंदर जाकर आग बुझा रहे थे भांकरोटा अग्निकांड; आग लगने के बाद 25 मिनट में पहुंचे अग्निशमन कर्मियों ने बताई पूरी कहानी…

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