जयपुर | सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा केंद्र प्रवर्तित योजनाओं की समीक्षा के लिए राजस्थान लोक प्रशासन संस्थान समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से एक करोड़ से अधिक लाभार्थी लाभांवित हो रहे हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में न्यूनतम पेंशन राशि में बढ़ोतरी कर पेंशन 1150 रुपए की है। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों का वार्षिक भौतिक सत्यापन अब ग्राम सभा स्तर पर किया जा रहा है, ताकि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ समय पर मिलता रहे। सिलिकोसिस योजना के तहत हमनें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग किया है, जिसके लिए हमें ई गवर्नेंस के लिए केंद्र सरकार द्वारा पुरस्कृत भी किया गया है। बैठक में पंत ने केंद्र सरकार से समय पर बजट आवंटन का सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की क्षेत्रीय समीक्षा बैठक आग्रह किया ताकि योजनाओं का संचालन बेहतर तरीके से किया जा सके और लाभार्थियों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके। पंत ने आश्वस्त किया कि योजनाओं का क्रियान्वयन सुचारू रूप से किया जाता रहेगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव अमित यादव ने कहा कि केंद्र सरकार अंतिम पंक्ति पर बैठे व्यक्ति को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है। हम आशा करते हैं कि देश विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में शामिल होगा। इन योजनाओं की हुई समीक्षा बैठक में केंद्र प्रवर्तित अनुसूचित जाति के लिए पूर्व-मैट्रिक और उत्तर-मैट्रिक छात्रवृत्ति, प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना, नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989, पीएम-यशस्वी स्कीम, डीएनटीज़ के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए योजना, नमस्ते योजना, एनएपीडीडीआर, अटल वायु अभ्युदय योजना आदि की समीक्षा की गई। बैठक में केंद्र सरकार के अतिरिक्त सचिव अमित कुमार घोष, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता के निदेशक बचनेश अग्रवाल सहित पंजाब, महाराष्ट्र, गुजरात और हरियाणा राज्यों के प्रधान सचिवों और सचिवों और उनके प्रतिनिधि शामिल हुए।


