पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविंद राम मेघवाल लंबे समय बाद पूरे फार्म में नजर आए। नीला कुर्ता और समर्थकों के हाथ में नीले झंडे लेकर कलेक्ट्रेट पर मोर्चा डाल दिया। सवाल उठाया कि मुगल, अंग्रेज और कांग्रेस राज में कभी हिंदू खतरे में नहीं आया फिर नरेन्द्र मोदी के पीएम बनते ही हिंदू खतरे में कैसे आया। 2014 के बाद ही हिंदू खतरे में क्यों आया। उन्होंने सवाल किया कि अर्जुनराम मेघवाल तय करें कि वे अमित शाह के साथ हैं या डॉ. अंबेडकर के साथ। दरअसल लोकसभा में डॉ. बीआर अंबेडकर पर एक टिप्पणी को लेकर गोविंद ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पूरे जिले से बारिश के बावजूद हजारों लोग पहुंचे। हाथ में डॉ. अंबेडकर का चित्र लिए लोगों के सामने गोविंद ने कहा कि जिस अमित शाह ने लोकसभा में डॉ. भीमराव अंबेडकर का अपमान किया। उसी शाह को बचाने के लिए अर्जुनराम मेघवाल आगे हैं। उन्होंने लोगों से हाथ उठवाकर कहा कि जब अर्जुनराम आएं तो उनसे सवाल करना और जवाब ना दें तो उनका बहिष्कार करना। गोविंद बोले हम जमीनी नेता हैं। कलेक्टर से सांसद नहीं बना मैं। अर्जुनराम हवाई नेता हैं। हमने लाठी खाई हैं। पसलियां तुड़वाई हैं। दलित वर्ग अब चुप नहीं बैठेगा। इसके पास वोटों की ताकत है, जो गोली को भी मात देगी। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने जानबूझकर अंबेडकर को अपमानित किया क्योंकि इनके मन में वो खटकते हैं। अमित शाह के पाप का घड़ा भर गया। अंबेडकर पर टिप्पणी करके भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। उन्होंने अर्जुनराम मेघवाल से अमित शाह के साथ रहने के कारण इस्तीफा मांगा। कहा, अगर इस्तीफा नहीं देते तो मतलब साफ है कि आपने अंबेडकर की जगह अमित शाह को चुना है। मैं तो जयचंदों के कारण हारा गोविंद मेघवाल ने इशारों ही इशारों में अपनी पार्टी के नेताओं पर भी सवाल खड़े कर दिए। बोले, अर्जुनराम मेघवाल 3 लाख वोटों से जीते थे। उनकी मौसी के बेटे से मुकाबला हुआ तो 2.60 लाख से जीते। मुझसे मुकाबला हुआ तो हमने उन्हें 60 हजार पर ला दिया। वो भी इसलिए क्योंकि हमारे यहां भी जयचंद थे। हमारे साथ धोखा किया गया। मैंने कभी किसी को धोखा नहीं दिया। मैंने तो धोखे खाए हैं। खाजूवाला, श्रीडूंगरगढ़ व लूणकरणसर में हम लोकसभा में आगे रहे। कोलायत और नोखा में बराबर पर रहे। फिर शहर में आखिर क्या हुआ। शहर में ईवीएम हैक की गई। साथ ही कुछ जयचंदों ने मेरे साथ धोखा किया वरना अर्जुनराम लोकसभा नहीं देख पाते। उन्होंने कहा कि अंबेडकर हमारे लिए भगवान हैं। हम उनका अपमान नही सहेंगे। जो संविधान पर उंगली उठाएगा, डॉ. अंबेडकर पर उंगली उठाएगा और जो राहुल गांधी पर उंगली उठाएगा उसकी उंगली काट देंगे। इस मौके पर पूर्व विधायक गिरधारी महिया, पीसीसी सचिव रामनिवास कुकणा, खाजूवाला ब्लॉक अध्यक्ष रामेश्वर गोदारा, डूंगर कॉलेज के अध्यक्ष हरिराम गोदारा, शहर कांग्रेस महासचिव राहुल जादुसंगत, ब्लॉक अध्यक्ष सुमित कोचर, आनंद सिंह सोढ़ा, यासिन ख़ान, पांचू प्रधान पेमाराम, प्रधान लालचंद आसोपा, सुषमा बारूपाल समेत तमाम नेता मौजूद थे। प्रदर्शन के बाद पैदल मार्च कलेक्ट्रेट पर सभा और प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद सभी लोग पैदल अंबेडकर सर्किल तक पैदल मार्च के लिए रवाना हुए। इस कारण कुछ देर जाम की भी स्थिति बन गई। गोविंद का प्रदर्शन होने के कारण पुलिस पहले से अलर्ट मोड पर थी।


