रीवा के प्रभारी और पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल सोमवार को जिला योजना समिति की बैठक में शामिल हुए। उन्होंने सांसद, विधायक की मौजूदगी में विभागीय अधिकारियों से सरकारी योजनाओं और चल रहे विकास कार्यों के बारे में जानकारी ली। बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास, बिजली और पेयजल की समस्याओं को लेकर समीक्षा की गई। पटेल ने कहा- मुझे खुशी है कि जन प्रतिनिधिनियों ने भी अपनी बात जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ रखी। अधिकारियों ने भी उसके समुचित जवाब दिए। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अगली बैठक में विभाग की संपूर्ण जानकारी दीजिए। शौचालय, सामुदायिक स्वच्छता परिषद पर ध्यान देने की जरूरत है। बताया गया कि हर महीने योजना समिति की बैठक आयोजित करके पारदर्शी तरीके से हर योजना की समीक्षा की जाएगी। जहां सभी जनप्रतिनिधि और अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए अपने सुझाव देंगे। बैठक की जानकारी सभी सदस्यों को बैठक से सात दिन पहले दी जाएगी। बैठक में अधिकारियों से कहा गया कि एकल नलजल योजनाओं का काम 31 मार्च तक पूरा कर हर घर में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करें। नलजल योजना को ग्राम पंचायत को हैण्डओवर करें।बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में छूटे हुए परिवारों को शामिल करने के लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। प्रभारी मंत्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में संचालित स्वच्छता परिसरों में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था करें। सोहागी घाटी में सड़क सुधार, उपार्जित धान के परिवहन, गौशालाओं में बिजली और पानी की व्यवस्था करने और पंचायत भवनों के निर्माण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। बैठक में सांसद जनार्दन मिश्र ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में जिन व्यक्तियों से समझौते हुए हैं, उन्हें ही जमीन दी जाए। आवंटित जमीन का समय पर और केवल उद्योग लगाने के लिए ही उपयोग हो। गुढ़ विधायक नागेन्द्र सिंह ने खण्ड और ग्राम स्तर पर शासकीय सेवकों के स्थानांतरण की बात रखी। रायपुर कर्चुलियान के थाना प्रभारी और गौशाला संचालन के बारे में अपने सुझाव दिए। सिरमौर विधायक दिव्यराज सिंह ने सिरमौर से डभौरा सड़क के सुधार और नलजल योजना के काम की गुणवत्ता में सुधार के सुझाव दिए। मनगवां विधायक नरेन्द्र प्रजापति और त्योंथर विधायक सिद्धार्थ तिवारी ने जल जीवन मिशन के काम, सड़कों में सुधार और धान उपार्जन को लेकर अपनी बातें रखी। बैठक में विधायक सेमरिया अभय मिश्रा ने जल जीवन मिशन के कार्यों में गुणवत्ता में सुधार, फीडर सेपरेशन में शामिल क्षेत्रों की सूची देने और गौशाला संचालन पर सुझाव दिए।


