रीवा के वाटरफॉल में एक युवती और उसके दोस्त के साथ तीन लोगों ने अमानवीय कृत्य किया। करीब 15 मिनट तक युवती को निर्वस्त्र रखा। इस दौरान युवती और उसका दोस्त चीखता-चिल्लाता रहा, हाथ जोड़ते रहे की वीडियो मत बनाओ। अंडर गारमेंट्स पहनने की कोशिश की तो उन्होंने मेरे हाथ से छीन लिया। बोले पहले पैसे देगी तभी कपड़े पहनेगी। इतने में एक आरोपी मुझसे सटकर खड़ा हो गया और मेरे साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। इस दौरान तीनों आरोपियों ने हमारे पास रखे पांच हजार रुपए सहित अन्य सामग्री छीन ली और 50 हजार रुपए की डिमांड की। इस मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों पर मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को दैनिक भास्कर की टीम जब रीवा के वाटरफाॅल पहुंची। टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंची और पीड़ित युवती-युवक के साथ लोगों से बातचीत की। इस मामले को लेकर लोगों में घबराहट और चेहरे पर बेचैनी दिख रही थी। युवती की जुबानी पूरा घटनाक्रम-कपड़े उतारने के लिए फोर्स किया पीड़िता ने बताया कि 8 दिसंबर की दोपहर को मैं अपने दोस्त के साथ वाटरफॉल घूमने गई थी। हम दोनों एकांत में बैठकर कुछ बातें कर रहे थे। इसी दौरान पीछे से तीन बदमाश आ पहुंचे। उन्होंने हमारे साथ बदतमीजी शुरू कर दी, फिर हमें कपड़े उतारने के लिए फोर्स किया। चट्टान के पीछे ले जाकर जबरन हमारे कपड़े उतरवाए। वे लगातार वीडियो बना रहे थे। मैंने उनसे कहा कि मैं आप सबके पांव पकड़ती हूं। मेरा वीडियो मत बनाओ। लेकिन वे लगातार अभद्रता करते रहे। मारपीट करने के साथ ही लगातार जान से मारने की धमकी भी दे रहे थे। मैंने उनसे कहा कि आपको जो चाहिए वह ले लीजिए। लेकिन मुझे छोड़ दीजिए, पर उन्हें हमारे ऊपर बिल्कुल भी तरस नहीं आया। घटना के बाद से पूरा परिवार मानसिक तौर पर परेशान है और तनाव में जी रहा है। मुझसे और मेरे दोस्त से 5 हजार रुपए छीन लिए। वीडियो बंद करने के बाद 50 हजार रुपए की मांग कर रहे थे। पहले तो हमने अपने घर में भी डर की वजह से यह बात किसी को नहीं बताई। लेकिन वे लगातार मानसिक रूप से हमें प्रताड़ित करते रहे। मेरे घर वाले पुलिस में मामला दर्ज नहीं कराना चाहते थे, ताकि हमारा घर-परिवार बदनामी से बच जाए। आरोपी बार-बार हमें मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे। उन्होंने मेरी जिंदगी नर्क बना दी। पीड़ित परिवार बोला -कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने हमें कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा। गांव-समाज से लेकर सभी जगह बदनाम कर डाला। आरोपी पीड़िता से लगातार पैसे की डिमांड करते रहे। दबाव में आकर पीड़िता ने आरोपियों को रुपए भी दे डालें, लेकिन उनका लालच लगातार बढ़ता जा रहा था। कई बार तो आरोपियों ने शारीरिक संबंध बनाने के लिए भी दबाव डाला। पीड़ित परिवार के मुताबिक आरोपियों ने हमारी हंसी-खेलती जिंदगी पर ग्रहण लगा दिया। अंत में आरोपी ने पीड़िता का वीडियो वायरल कर दिया। पुलिस और मीडिया के द्वारा हिम्मत मिली तब जाकर हम हिम्मत जुटाकर सामने आ पाए। युवती की रिपोर्ट पर मामला दर्ज थाना प्रभारी अवनीश मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 354,354-क, 354-1,392,341,506 ताहि 66-ई,67-ए आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। सोशल मीडिया मे प्रकाशित खबर जिसमें दार्शनिक स्थल पर कुछ आरोपियों के द्वारा पीड़िता के साथ मारपीट करने और पैसे छीनने संबधी वीडियो दिखाया गया था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर वायरल वीडियो को संज्ञान में लिया गया। जिसके बाद घटनास्थल की पहचान कर पीड़िता की तरफ से तत्काल अपराध पंजीबद्ध किया गया। जन सहयोग से आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से पूछताछ करने पर अपराध घटित करना स्वीकार किया गया। आरोपियों को न्यायालय सिरमौर में पेश करने के बाद केन्द्रीय जेल रीवा भेज दिया गया है। VIDEO वायरल करने वाले तीनों आरोपी गिरफ्तार युवती का दोस्त बोला-अश्लील वीडियो बनाकर पैसे मांगे पीड़ित युवक ने बताया कि आरोपियों ने मेरी दोस्त और मेरा अश्लील वीडियो बनाया। हमने उनके पैर पकड़ लिए। लेकिन उन्हें बिल्कुल भी रहम नहीं आया। वे बार-बार कह रहे थे कि पैसे निकालो, पैसे निकालो। उन्होंने हम दोनों को नग्न कर वीडियो बनाया। शर्मिंदगी की वजह से हम अपना मुंह छिपाते रहे। हमने उनसे कहा कि आपको जो चाहिए हमसे ले लो। लेकिन हमे जिंदा छोड़ दो। इस तरह का काम हमारे साथ ना करो। लेकिन डर की वजह से उनकी हर बात हमें माननी पड़ी। हम मजबूर हो गए थे। हम भागने की कोशिश भी करते तो वह हमें पकड़कर और टॉर्चर कर सकते थे। पीड़ित युवक ने कहा कि हमारे पास लगभग 5 हजार रुपए थे। वह हमने उन्हें दे दिए। लेकिन वे कहने लगे कि और पैसे लेकर आओ, नहीं तो तुम्हें पूरी दुनिया में इतना बदनाम कर देंगे कि कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगे। घर-परिवार में भी उठना बैठना मुश्किल हो जाएगा। इसके बाद हमने उन्हें इस उम्मीद से पैसे दिए, शायद वो हमारी मजबूरी को समझ जाएं। शायद वह हमारे दर्द को समझ पाएं। लेकिन उन्हें हमें बदनाम करने के अलावा कुछ सूझा ही नहीं। जरा भी दया नहीं आई। हमारे साथ इस तरह का गलत काम किया। जिसे हम शायद जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे। वीडियो वायरल कर जिंदगी नर्क बना दी पीड़ित ने कहा कि अगर हमें मालूम होता कि हमारे साथ कुछ ऐसा होने वाला है। तो हम बिल्कुल भी उस जगह पर नहीं जाते। बदनामी के डर से हमने पुलिस में शिकायत नहीं की। लेकिन आरोपियों ने हमारा वीडियो वायरल कर ही दिया। हमारी जिंदगी नर्क बना दी। उन्होंने तो हमारी इज्जत नीलाम कर दी। अब पुलिस को उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलवानी चाहिए ताकि दोबारा किसी के साथ इस तरह का हादसा ना हो पाए। आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया है कि वे अपना ज्यादातर समय नशा और हुल्लड़बाजी में बिताते थे। वे कपल्स या फिर ऐसे किसी व्यक्ति की तलाश में रहते थे, जिसे वे अपना शिकार बना सकें। उस दिन हमारे एक साथी ने हमें आकर बताया कि चट्टान के पीछे दो लड़के-लड़की बैठे हैं। हम चारों इकट्ठा हो गए। तय कर लिया कि इनसे हर तरह का लाभ लेने की कोशिश करेंगे। हमने उनके साथ बदतमीजी भी की। नग्न अवस्था में लड़की का वीडियो बनाया। हमारे एक साथी ने उनसे शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश भी की। महिला बोली-घर से निकलने में लगने लगा डर मानवती चौरसिया ने बताया कि मैं क्षेत्र की स्थानीय निवासी हूं। मेरा घर जलप्रपात से महज 300 मीटर की दूरी पर मौजूद है। जिस तरह की घटनाएं-दुर्घटनाएं और महिला अपराध इस क्षेत्र में हो रहे हैं। हम स्थानीय महिलाओं में भी दहशत का माहौल है। जब हम इस तरह की घटनाओं के बारे में सुनते हैं तो बहुत डर लगता है। हम ग्रामीण लोग हैं। हमें कई कामों की वजह से घर से निकलना पड़ता है। मेहनत मजदूरी कर अपनी अजीबका चलाते हैं। बस्ती की कई महिलाएं भी काम करने के लिए बाहर जाती है। जिस तरह की घटनाएं आए दिन यहां पर सुनने को मिल रही हैं। उसके बाद अब शाम ढलते ही निकलने में डर लगने लगा है। 85 साल के बुजुर्ग बोले-साल में एक बार आती है पुलिस 85 साल के बुजुर्ग सरदार प्रजापति ने बताया कि यहां पर सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। इतना बड़ा पर्यटन स्थल होने के बाद भी कोई पुलिस वाला यहां आता-जाता नहीं। आज मेरी उम्र 85 साल है, मैं बचपन से यहीं पर रह रहा हूं। लेकिन अब इस जगह पर अपराध इतने अधिक बढ़ गए हैं कि कब किसके साथ कौन सी वारदात हो जाए, इसका कोई ठिकाना नहीं है। महिला अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। पुलिस यहां केवल साल में एक बार ही आती है। जब यहां पर मकर संक्रांति का मेला लगता है। इसके बाद साल भर पुलिस यहां से नदारत रहती है। पर्यटकों के साथ-साथ ही स्थानीय लोगों को भी खतरा बना हुआ है। आए दिन शराबियों और नशेड़ियों का बोलबाला रहता है। असामाजिक तत्व खुलेआम आपराधिक वारदात को अंजाम देते हैं। लेकिन कोई सुनने और देखने वाला नहीं है। शनिवार-रविवार उत्तर प्रदेश से आते हैं पर्यटक स्थानीय निवासी विनोद कुमार यादव ने बताया कि शनिवार-रविवार यहां पर उत्तर प्रदेश से पर्यटक घूमने आते हैं। जब बात रीवा की आती है तो इस वाटरफॉल की चर्चा जरूर होती है। लेकिन देखा जा रहा है इतना बड़ा पर्यटन स्थल होने के बाद भी यहां पर सुरक्षा की किसी तरह की कोई व्यवस्था नहीं है। दिनदहाड़े महिलाओं के कपड़े उतरवाए जा रहे हैं। लेकिन कोई सुनने और देखने वाला नहीं है। यहां पर करीबन 500 से अधिक लोग निवासरत हैं। लेकिन वह सब डर के माहौल में जीते हैं। आए दिन अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का यहां पर जमावड़ा लगता है। लेकिन कोई सुनने वाला और देखने वाला नहीं है। पुलिस को यहां पर चाक-चौबंद व्यवस्था करनी चाहिए। यहां पर रोज होती हैं आपराधिक गतिविधियां स्थानीय निवासी ठाकुर दीन दाहिया ने बताया कि यहां पर रोज अपराध होते रहते हैं। फर्क बस इतना है कि कोई घटना उजागर हो गई और लेकिन अधिकांश घटनाएं दबा दी जाती हैं। लॉकडाउन में तो यहां पर इतने अपराध हुए की उसकी कोई गिनती नहीं है। लोग यहां पर नहाने आए थे लेकिन उनकी संदिग्ध मौत हो गई। आए दिन महिला अपराध होते रहते हैं। इन अपराधों को रोकने का एक ही उपाय है कि यहां पर पुलिस की तैनाती की जाए। इसके अलावा रोज होने वाले अपराधों को देखते हुए हम सब ग्रामीण यहां पर एक चौकी बनाने की मांग भी लगातार सालों से कर रहे हैं। जिससे की हम स्थानीय लोग को बिना डर चैन की सांस ले पाएं।


