ट्रांसपोर्ट विभाग में तैनात कोआर्डिनेटर गगन टर्मिनेट

विक्की कुमार | अमृतसर रामतीर्थ रोड स्थित ट्रांसपोर्ट विभाग के दफ्तर में तैनात पंजाब स्टेट ट्रांसपोर्ट सोसायटी के कोआर्डिनेटर गगन पजनी को टर्मिनेट कर दिया गया है। विभाग के स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर जसप्रीत सिंह के निर्देशों पर यह कार्रवाई की गई है। आदेश के बाद आरटीओ खुशदिल सिंह ने भी अपनी कार्रवाई करते हुए उन्हें रिलीव करते हुए नौकरी से फॉरिग कर दिया। यह कार्रवाई क्यों की गई है, इस पर न तो आरटीओ कुछ बोल रहे हैं न ही कोई कर्मी। लेकिन पता चला है कि 2022 से फैंसी नंबरों में गड़बड़ी करने और एजेंसियों को वाहनों के टैक्स में गड़बड़ी आदि किए जाने की एक जांच चल रही थी, जिसमें पजनी की शमूलियत पाई गई और विभाग ने उसे टर्मिनेट कर दिया। गगन पजनी के साथ-साथ विभाग ने कई अन्य कर्मचारियों पर भी यह कार्रवाई की है। फिलहाल विभाग ने उन्हें टर्मिनेट किया है, लेकिन इस मामले में करोड़ों का गबन हुआ है। विभाग ने इस मामले में किसी भी तरह की कोई पुलिस कार्रवाई नहीं करवाई है, जिससे विभागीय कार्रवाई पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2022 में सोसायटी के कोआर्डिनेटर गगन पजनी चंडीगढ़ में तैनात थे। उस दौरान उनकी तरफ से वाहनों के लिए अलॉट होने वाले फैंसी नंबरों और एजेंसियों द्वारा टैक्स आदि में गड़बड़ी किए जाने की शिकायत सामने आई तो विभाग ने जांच शुरू की थी। इसके पश्चात विभाग ने उनका तबादला चंडीगढ़ से अमृतसर कर दिया था। तभी से इसकी जांच भी जारी थी। अब जांच पूरी हुई है, जिसमें पाया गया कि गगन भजनी फैंसी नंबरों को अपने स्तर पर ही आईडी में ब्लॉक कर देते थे। आईडी में नंबर ब्लॉक किए जाने के बाद उस नंबर को कोई भी बुक नहीं कर पाता था। इसके पश्चात वह उसी नंबर को अपने स्तर पर महंगे दाम पर बेच देते थे। लेकिन विभाग को कम पैसे ही जमा करवाते थे। इसके अलावा कई एजेंसियों के टैक्स तक उन्होंने जमा नहीं करवाए। इस मामले की जांच में अन्य कर्मचारी तरमिंदर सिंह और सुखविंदर धीमान का नाम भी सामने आया है। बता दें कि ट्रांसपोर्ट विभाग में तैनात पंजाब स्टेट ट्रांसपोर्ट सोसायटी के कर्मचारी द्वारा कोई नया मामला नहीं है। इससे पहले भी सोसायटी के कई कर्मचारी कभी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में गड़बड़ियां करने और कभी मोटी रिश्वत लेकर बिना ड्राइविंग टेस्ट के लाइसेंस बनाने के मामलों को अंजाम देते रहे है। इस संबंधी जब आरटीओ खुशदिल सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि 20 मई 2025 को ही विभाग के उच्चाधिकारियों के आदेश उन्हें मिले थे। जिसके पश्चात उन्होंने गगन पजनी को फॉरिग कर दिया है। यह कार्रवाई कोआर्डिनेटर पर क्यों की गई है, इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

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