भास्कर न्यूज | अमृतसर हाईकोर्ट के आदेश पर पंजाब नेशनल बैंक को एक मकान पर कब्जा दिलाने के विरोध में भंडारी पुल पर धरना देने जा रहे किसानों और पुलिस में बाइपास रोड के माहला चौक पर टकराव हो गया। बिना किसी बातचीत और हाईकोर्ट के आदेशों के खिलाफ मकान का कब्जा वापस दिलाने की मांग पर अड़े किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने माहला चौक पर प्रबंध किए थे, मगर पुलिस को देखकर किसानों ने यहीं पर रोड जाम कर दिया। जब रोड खुलवाने के लिए पुलिस ने किसानों को हटाने चाहा तो किसानों ने अफरा-तफरी वाला माहौल बनाते हुए ट्रैक्टर ट्रालियां दौड़ाना शुरू कर दी। इस दौरान किसानों ने 2 स्कूली छात्रों की स्कूटी पर भी ट्रैक्टर चढ़ा दिया। हालांकि इस हादसे में दोनों बच्चे बाल-बाल बच गए। वहीं एक महिला कांस्टेबल को भी ट्रैक्टर को रोकने के दौरान घायल कर दिया। इस पर पुलिस ने करीब 100 किसानों को हिरासत में ले लिया। वहीं किसान यूनियन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने लाठीचाई करके किसानों को जबरन हिरासत में लिया। वह शांतिपूर्वक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने जा रहे थे। बीकेयू एकता उगराहा ने कहा कि मांगों को लेकर किसान दोपहर करीब 1 बजे के धरना देने जा रहे थे। पुलिस ने जबरन करीब 100 किसानों को माहला चौक के पास हिरासत में ले लिया। इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया, जिसमें कई किसानों को चोट आई। यूनियन के अध्यक्ष कश्मीर सिंह धंगाई व बघेल सिंह ने कहा कि पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज करते हुए गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि मान सरकार अपने हकों के लिए प्रदर्शन कर रहे किसानों व अन्य जन संगठनों के संघर्ष को रोकने के लिए पुलिस बल का प्रयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि का मुआवजा अभी तक किसानों को नहीं दिया गया है। मंत्री और प्रशासन के अधिकारी गांवों में जाकर कहते हैं कि उन्होंने मुआवजा दे दिया है, लेकिन अभी तक किसी किसान को मुआवजा नहीं मिला है। हिरासत में लिए गए किसानों को तुरंत छोड़ा जाए नहीं तो बीकेयू एकता उगराहा तीखा संघर्ष शुरू करेगी। वहीं, यूनियन के मुताबिक, पुलिस ने 6 किसानों के खिलाफ हत्या प्रयास का केस दर्ज किया है और 21 लोगों पर धारा 751 लगाई है। वहीं यूनियन का कहना है कि शाम तक सभी किसानों को छुड़ा लिया है मगर 4 अभी पुलिस हिरासत में हैं। इस मौके पर डॉ. परमिंदर सिंह पंडोरी, नरिंदर सिंह भिट्टेवड़, बाबा जगजीवन सिंह तलवंडी, कुलबीर जेठूवाल, बाबा राजन सिंह चोगावां, सतिंदर फतेहगढ़ सुक्करचक्क, जसपाल धंगाई आदि मौजूद थे। डीसीपी इन्वेस्टिगेशन रविंदरपाल सिंह ने बताया कि किसानों ने हुल्लड़बाजी की है। ट्रैक्टर तेज रफ्तार में भगाने पर महिला कांस्टेबल और 2 स्कूली बच्चे घायल हो गए। मामले में 100 से अधिक किसानों को हिरासत में लिया गया। हादसे में बच्चों की जान भी जा सकती थी। रोड जाम करके लोगों को परेशान करना सही नहीं है। इसके अलावा किसानों की मांगों को लेकर किसानों के नेता पलविंदर माहल को बार-बार डिप्टी कमिश्नर दफ्तर बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं आए थे और वीरवार को धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। रोड जाम होने पर जब पुलिस ने किसानों को हिरासत में लेना शुरू किया तो किसान ट्रैक्टरों को भागने लगे। इस दौरान तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने एक महिला कांस्टेबल और स्कूटी सवार 2 स्कूली बच्चों को कुचल दिया। महिला कांस्टेबल सहित दोनों बच्चे घायल हो गए, स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गई। बच्चों ने हेलमेट पहन रखा था, जिस कारण ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। पुलिस ने बच्चों को इलाज करवा परिवार को सौंप दिया है। ट्रैक्टर की टक्कर से घायल स्कूटी सवार छात्रा और क्षतिग्रस्त स्कूटी।


